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सवाल पूछना लोकतंत्र का अहम आधार, तर्क और संवाद से मजबूत होता है लोकतंत्र : उपराष्ट्रपति

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एसआरसीसी में अरुण जेटली मेमोरियल डिबेट के विजेताओं को किया सम्मानित
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छात्रों से बोले- एल्गोरिद्म को अपनी बुद्धि का विकल्प न बनने दें

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को युवाओं से सवाल पूछने और तर्क के आधार पर सोचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सवाल पूछना लोकतंत्र का अहम आधार है, लेकिन ये व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए होने चाहिए। यह बात उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में कही।
उपराष्ट्रपति एसआरसीसी में तीसरे अरुण जेटली मेमोरियल डिबेट के पुरस्कार समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तर्क, संवाद और असहमति से मजबूत होता है। राधाकृष्णन ने अरुण जेटली को एसआरसीसी का प्रतिष्ठित पूर्व छात्र बताया। उन्होंने जीएसटी और वित्तीय सुधारों समेत आर्थिक क्षेत्र में जेटली के योगदान का उल्लेख किया। उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया और एआई के दौर में जिम्मेदार संवाद की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को चेताया कि एल्गोरिद्म को अपनी बुद्धि का विकल्प न बनने दें।
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उपराष्ट्रपति ने एसआरसीसी के 100 वर्ष पूरे होने पर संस्थान के मूल्यों से जुड़े रहने की बात कही। उन्होंने डिबेट के लिए चुने गए समकालीन मुद्दों की सराहना की। इनमें राइट टू डिस्कनेक्ट और यूनिवर्सल बेसिक इनकम जैसे विषय शामिल थे। समारोह में विजेताओं और विशिष्ट पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया। इस दौरान डीयू कुलपति योगेश सिंह, एसआरसीसी प्राचार्य सिमरित कौर आदि मौजूद रहे।
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