बहादुरशाह के शासन में बना पुल जुड़ता है लाल किले से
बहादुर शाह जफर के शासन काल में बनाया गया धनुषाकार पुल इस किले को लाल किले से जोड़ता है। सलीमगढ़ किले का मुख्य प्रवेशद्वार, एक सादी संरचना है जिसमें थोड़ा-बहुत लाल बलुआ पत्थर लगा हुआ है और उसे आम तौर पर बहादुर शाह जफर द्वार के रूप में भी जाना जाता है।
1546 में सलीम सूरी ने बनवाया था किला
शेर शाह सूरी के बेटे सलीम शाह सूरी ने सन 1546 में सलीमगढ़ किले को स्थापित किया था। आईएनए के कई कैदियों को सलीमगढ़ किले में बंदी बनाया गया। इन कैदियों के मुकदमों की सुनवाई बाद में लाल किले में हुई थी। 1995 में किले को भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के स्मारक में परिवर्तित किया गया और उसका नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी स्मारक रखा गया था। माना जाता है कि औरंगजेब ने अपने ही भाई मुराद बख्श और पुत्री जेबुन्निसा को सलीमगढ़ किले में कैद किया था।
जल्द पूरा होगा काम
जेल का संरक्षण कार्य लगभग कार्य पूरा हो गया है। जेल की छत के आर्क बीम में दरारें विकसित हो गई थीं। इसकी अवस्था जर्जर होने से पर्यटक यहां जा नहीं पाते थे। नवहीं, सलीमगढ़ किले की अर्ध गुबंद को भी संरक्षित किया जा रहा है। -प्रवीण सिंह, दिल्ली सर्कल चीफ व सुपरिटेंडेंट आर्कियोलॉजिस्ट,एएसआई