बीके अस्पताल में लगभग सौ आशा वर्करों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमसे कई वादे किए थे, जिन्हें अभी तक पूरा नहीं किया गया है। इसको लेकर आशा वर्करों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम सीएमओ डॉक्टर जयंत आहूजा को ज्ञापन सौंपा।
आशा वर्करों ने अपनी मांगों के लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। सर्वकर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान ने आशा वर्करों को समर्थन दिया। उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह राज्य और राष्ट्रीय स्तर की मांगों को जल्द पूरा करें।
73 दिन हड़ताल के अभी तक नहीं मिले रुपये
आशा वर्कर की प्रधान हेमलता ने कहा कि हमारी मांगे काफी समय से बकाया हैं, जिनको सरकार की ओर से पूरा नहीं किया गया है। हमारी मांगों में वेतन बढ़ोतरी और 73 दिन के रुपये बकाया हैं, जो आशा वर्करों को अभी तक नहीं मिले हैं। हमने अपनी मांगों को लेकर 73 दिन तक हड़ताल की थी। इसके बाद हमारी मान बढ़ोतरी भी हुई थी। 73 दिन के रुपये काटे गए थे, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें देने का वादा किया गया था, जोकि पूरा नहीं किया गया। जब भी हमारी मीटिंग होती है तो केवल हमें आश्वासन दिया जाता है।
स्थाई कर्मचारी घोषित करने की मांग रखी
प्रधान हेमलता ने कहा कि हम सरकार से मांग कर रहे हैं कि हमें स्थायी कर्मचारी घोषित किया जाए। जब तक स्थायी कर्मचारी घोषित नहीं करते हैं, तब तक हमें न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये दिए जाएं। इसके अलावा आशा वर्कर को स्वास्थ्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। आशा वर्करों को स्वास्थ्य सुरक्षा का भी लाभ दिया जाए। इसके साथ ही उनको पीएफ और ईएसआईसी की सुविधा भी मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस पर ठोस कार्रवाई की जाए न कि हमें आश्वासन दिया जाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा ने आशा वर्करों को कहा कि उनका ज्ञापन प्रधानमंत्री तक पहुंचा दिया जाएगा और जल्द ही इस पर कार्रवाई की जाएगी।