प्रदूषण को कम करने के लिए जिला प्रशासन अब सीएनजी कैब को बढ़ावा देने पर विचार कर रहा है। उपश्रमायुक्त बीके राय ने बताया कि 31 मार्च तक 14 नए सीएनजी पंप को मंजूरी दे दी जाएगी।
साथ ही जून तक 29 नए सीएनजी पंप को मंजूरी संभावित हैं। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 4 हजार कारखाने पंजीकृत हैं। साथ ही करीब छह हजार कार्यालय हैं। यदि ये सभी सीएनजी कैब का इस्तेमाल करते हैं तो प्रदूषण से बहुत हद तक राहत मिलेगी। इसी वजह से सीएनजी को बढ़ावा देने के लिए नए सीएनजी पंपों को मंजूरी दी जाएगी।
उकुछ व्यापारी संगठनों ने जिला प्रशासन को व्यापारियों द्वारा सीएनजी कैब इस्तेमाल करने की बात कही थीं। लेकिन व्यापारी संगठनों ने सवाल उठाया था कि शहर में सीएनजी पंप अधिक नहीं हैं।
ऐसे में अगर व्यापारियों द्वारा सीएनजी का इस्तेमाल किया जाता है तो सीएनजी कमी की समस्या बन सकती है। इसके चलते जिलाधिकारी एनपी सिंह ने कुछ दिन पूर्व अपने कैंप ऑफिस में गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया था।
जहां गैस कंपनियों ने 14 नए सीएनजी पंप कनेक्शन के आवेदन प्राप्त होने की बात कही थी। जिसके बाद इन्हें स्वीकृति मिलने की तैयारियां हो रही है।