प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने की जांच की मांग
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी पूरे मामले की संजीदगी से जांच की मांग की। उधर, आप ने पूरे मामले पर चुप्पी साध ली है। पार्टी ने इस मसले पर अब तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। भाजपा महिला मोर्चा ने इस मामले में मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी की मांग की। केजरीवाल के पूर्व सहयोगियों किरण बेदी, कपिल मिश्रा, शाजिया इल्मी, ऋचा पांडेय समेत दूसरे नेता भी हमलावर दिखे।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली में एक ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिसने अपने आवास पर बुलाकर पहले अपनी सरकार के मुख्य सचिव को पिटवाया था और अब अपनी ही पार्टी की महिला सांसद को। पूरी घटना की जल्द से जल्द जांच होनी चाहिए। इससे पूरे मामले की हकीकत सामने आ सकेगी। वहीं, प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि स्वाति मालीवाल कहती रहीं हैं कि महिलाओं को व्हिसल ब्लोअर बनना चाहिए। अब उनसे अपील है कि दिल्ली के नागरिकों के लिए आवाज उठाएं।
सीएम का महिला विरोधी चेहरा उजागर : सेहरावत
प्रदेश भाजपा महामंत्री व पश्चिमी दिल्ली प्रत्याशी कमलजीत सेहरावत ने कहा कि मुख्यमंत्री का महिला विरोधी चेहरा उजागर हो गया है। दिल्ली पुलिस को इस मामले में संज्ञान लेकर मामला दर्ज करना चाहिए। नहीं तो दिल्ली की महिलाओं का विश्वास उठ जाएगा। जिस पार्टी की खुद महिला कार्यकर्ता सुरक्षित नहीं, वह पार्टी दिल्ली की महिलाओं की सुरक्षा का क्या गारंटी देगी। स्वाति मालीवाल पीसीआर कॉल करने के बाद ट्रेसेबल नहीं हैं। इससे समझा जा सकता है कि उनके ऊपर कितना दबाव है। सीएम निवास से उनका घबराहट में पैदल निकलते देखना काफी शर्मनाक है।
बांसुरी ने सीएम से मांगा स्पष्टीकरण
प्रदेश भाजपा मंत्री व नई दिल्ली से प्रत्याशी बांसुरी स्वराज ने कहा कि एक महिला पर हाथ उठाना और उनके साथ दुर्व्यवहार करना काफी शर्मसार करने की बात है। अधिकारिक कार्यालय में इस तरह की घटना दुखद है। राजनीतिक विचारधारा को दरकिनार करते हुए भाजपा केजरीवाल से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगती हैं। मुख्यमंत्री के उकसाने पर मालीवाल के साथ दुराचार व अभद्र व्यवहार किया गया है। उनकी मौजूदगी में उनके सरकारी निवास पर किया गया। उनके ओएसडी ने महिला पर हाथ उठाने का काम किया और वो भी उनकी मौजूदगी में। जब मुख्यमंत्री खुद अपनी पार्टी के महिला नेता को सुरक्षित नहीं कर सकते, तो वह दिल्ली की बहू-बेटी क्या की सुरक्षा करेंगे।
क्या था मामला
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने पहुंचीं दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने सीएम आवास के भीतर खुद के साथ मारपीट की पीसीआर कॉल कर दी। कॉल में स्वाति ने मुख्यमंत्री के निजी सचिव पर मारपीट के आरोप लगाए। इसके बाद वह सिविल लाइंस थाने पहुंचीं और पुलिस अधिकारियों को घटना की मौखिक जानकारी दी। हालांकि, लिखित शिकायत बाद में देने की बात कहकर थाने से लौट गईं।
उधर, राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने पुलिस को नोटिस जारी कर तीन दिन में एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) मांगी है। हालांकि, इस मामले में आप की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त मनोज कुमार मीणा ने बताया कि सोमवार सुबह 9.34 बजे सीएम आवास से पीसीआर कॉल मिली। महिला कॉलर ने मुख्यमंत्री आवास पर खुद के साथ मारपीट के आरोप लगाए थे। बाद में स्वाति मालीवाल सिविल लाइंस थाने पहुंचीं और घटना की जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने लिखित शिकायत नहीं दी। उपायुक्त ने बताया कि फिलहाल स्वाति मालीवाल की ओर से लिखित शिकायत का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।