अरविंद केजरीवाल-प्रकाश जावडेकर
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हर साल की तरह इस बार भी ठंड से पहले दिल्ली की हवा प्रदूषित होती जा रही है। पिछले करीब सप्ताह भर से दिल्ली की एक्यूआई खराब और बेहद खराब की श्रेणी में चली गई है।
दिल्ली एनसीआर के मौसम में मामूली बदलाव होने से दिल्ली की हवा में बुधवार को सुधार देखा गया। 24 घंटे के भीतर 24 अंकों की बेहतरी के साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 276 पर पहुंच गया, जबकि मंगलवार को यह 300 तक चला गया था।
दिल्ली एनसीआर में हर साल होने वाली इस समस्या को लेकर अब केंद्र और दिल्ली सरकार की राजनीति ने भी तूल पकड़ लिया है। इस मसले पर केंद्र और दिल्ली सरकार एकदम आमने-सामने नजर आ रही है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावडेकर ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली के प्रदूषण 96 फीसदी स्थानीय कारकों से और मात्र चार फीसदी पराली के कारण हैं। जावडेकर ने दिल्ली समेत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण नियंत्रण के लिए गठित केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दस्तों को अपने आवास से रवाना करने से पहले यह बात कही थी।
इसके साथ ही उन्होंने बताया था कि सीपीसीबी की 50 टीमें अब हर रोज फील्ड में रहेंगी। दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति गंभीर रहती है जिसका मुख्य कारण लोकल फैक्टर्स हैं ।
जावड़ेकर की इस टिप्पणी पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया भी आई। अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि बार-बार इनकार करने से कुछ नहीं होगा। अगर पराली जलने से केवल चार फीसदी प्रदूषण होता है, तो प्रदूषण में अचानक रात में ही यह वृद्धि क्यों हुई है? उससे पहले हवा साफ थी। एक ही कहानी हर साल। कुछ ही दिनों में दिल्ली में प्रदूषण को लेकर ऐसा कोई उछाल नहीं हुआ है?