दिल्ली में रोडशो के दौरान अरविंद केजरीवाल पर हमले से का असर आम आदमी पार्टी के प्रचार पर भी पड़ा है।
आखिरी दिन पूरी ताकत झोंकने की जगह मनीष सिसोदिया और गोपाल राय के साथ केजरीवाल राजघाट पहुंच गए। हालांकि प्रत्याशियों ने अपने स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया।
चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सभी दलों ने अपनी ताकत झोंक दी थी। AAP संयोजक केजरीवाल और मनीष सिसौदिया भी रोड शो पर थे, लेकिन दोपहर में हमले के बाद सारा शेड्यूल गड़बड़ा गया।
थप्पड़ कांड ने बिगाड़ा काम
थप्पड़ कांड के बाद अरविंद केजरीवाल के साथ दिल्ली में मौजूद सभी वरिष्ठ नेता राजघाट पहुंच गए। करीब एक घंटे तक प्रचार अभियान पूरी तरह ठप रहा।
राजघाट से हटने के बाद प्रत्याशी और दूसरे नेता अपने-अपने इलाके में लौट गए, लेकिन सिसोदिया के साथ केजरीवाल अपने आवास पर लौट आए और करीब पांच बजे मीडिया से बात की।
हालांकि उम्मीदवार अपने-अपने इलाके में प्रचार करते रहे, लेकिन प्रचार से ज्यादा उनका ध्यान भी अपने संयोजक व पार्टी की रणनीति पर लगा रहा।
'जनता तय करे उसे क्या चाहिए'
उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी प्रत्याशी आनंद कुमार ने मंगलवार को मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि वह राजनेता नहीं, समाज सेवक हैं।
उन्होंने कहा कि उनका एक ही मकसद है कि दिल्ली का जो प्रमुख हिस्सा आज भी विकास की आस लगाए बैठा है, वह विकसित हो। उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि अब आपकी बारी है।
आनंद ने कहा कि मतदाताओं को तय करना है कि उन्हें सेवक चाहिए या कोरे विकास का वादा करने वाले भक्षक चाहिए।