मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि सरकार ने नई सोलर पॉलिसी- 2024 जारी कर दी है। इससे पहले 2016 में सोलर पॉलिसी जारी की गई थी। नई पॉलिसी अपनाने वाले आवासीय एरिया के उपभोक्ताओं का बिजली बिल जीरो आएगा और उन्हें 700 से 900 रुपये तक की अतिरिक्त आमदनी भी होगी। उपभोक्ताओं का चार साल के अंदर सोलर पैनल लगाने में आया खर्च भी रिकवर हो जाएगा। इस दौरान बिजली मंत्री आतिशी के अलावा जस्मीन शाह भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2016 में जारी सोलर पॉलिसी पूरे देश में सबसे प्रोग्रेसिव पॉलिसी थी। सोलर पॉलिसी 2016 के तहत दिल्ली के लोगों ने अब तक अपने घरों की छत पर लगभग 250 मेगावाट क्षमता के सोलर पैनल लगवाए हैं। इसके अलावा, सोलर पॉलिसी 2016 के तहत डिस्कॉम ने 1250 मेगावॉट सोलर पावर बाहर से खरीदी है। इस तरह, सोलर पॉलिसी 2016 के तहत दिल्ली के अंदर अब तक करीब 1500 मेगावॉट सोलर पावर स्थापित हुई है।
वायु प्रदूषण कम होगा
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि सोलर पावर से वायु प्रदूषण कम होगा। सरकार ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए ईवी पॉलिसी भी बनाई है, जो देश की सबसे प्रोग्रेसिव पॉलिसी है और आज दिल्ली को ईवी कैपिटल ऑफ इंडिया कहा जाता है। दिसंबर 2023 में दिल्ली में कुल खरीदे गए वाहनों में से करीब 20 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहन थे, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है। उन्होंने नई पॉलिसी की खासियत बताते हुए कहा कि इसके तहत जो लोग अपने घर के ऊपर सोलर पैनल लगवाएंगे, उनका बिजली का बिल जीरो हो जाएगा। 201 से 400 यूनिट बिजली इस्तेमाल करने वालों का भी बिजली का बिल जीरो हो जाएगा और 400 यूनिट से अधिक बिजली इस्तेमाल करने वालों का भी बिल जीरो हो जाएगा।
सोलर पैनल लगाने पर कमाई भी होगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पॉलिसी के तहत आवासीय सेक्टर में जो लोग अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाएंगे, उसको 700 से 900 रुपये प्रति व्यक्ति अतिरिक्त आमदनी भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले केंद्र सरकार के डेटा से महंगाई का पता लगता है। पूरे देश में राष्ट्रीय महंगाई दर 6 फीसदी है। हरियाणा और गुजरात में 7 फीसदी है। कई राज्यों मे 7 फीसदी से भी ज्यादा है। लेकिन दिल्ली के अंदर पूरे देश में सबसे कम 3 फीसदी से कम महंगाई दर है।
25 वर्षो तक बिजली फ्री होगी
दिल्ली सरकार ने कहा है कि सोलर पैनल लगवाने के बाद उपभोक्ताओं को 25 साल तक बिजली फ्री रहेगी। उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी के तहत जो लोग सोलर पैनल खरीदने में पैसा निवेश करेंगे, वो पैसा चार साल के अंदर रिकवर हो जाएगा। क्योंकि हमने इस पॉलिसी के तहत कई सब्सिडी का प्रावधान किया है। इसके अलावा, दिल्ली सरकार हर महीने 700 रुपये जेनरेशन बेस्ड इंसेंटिव देगी। दोनों को मिलाकर उस उपभोक्ता की हर महीने करीब 2000 रुपये की बचत होगी। इस तरह साल भर में 24 हजार रुपये बचेंगे और 4 साल के अंदर 90 हजार रुपये का निवेश रिकवर हो जाएगा। सोलर पैनल कम से कम 25 साल चलते हैं। इसलिए सोलर पैनल लगवाने के बाद 25 साल तक बिजली फ्री रहेगी।
सरकार दो हजार प्रति किलोवाट कैपिटल सब्सिडी देगी
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पॉलिसी के तहत दिल्ली सरकार आवासीय उपभोक्ताओं को प्रति किलोवॉट 2 हजार रुपये कैपिटल सब्सिडी भी देगी, जो अधिकतम 10 हजार रुपये तक होगा। कैपिटल सब्सिडी केंद्र सरकार भी देती है। केंद्र सरकार के अलावा दिल्ली सरकार भी कैपिटल सब्सिडी देगी। इसके अलावा नेट मीटरिंग है।
कम्युनिटी सोलर का उपयोग कर सकेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि पॉलिसी 2016 के अंतर्गत फीडबैक मिला कि दिल्ली में कई घर ऐसे हैं, जिनकी छत पर पर्याप्त जगह नहीं है। कुछ लोगों के पास सोलर पैनल लगवाने के लिए पैसे नहीं है। उनकी इन समस्याओं को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार ने इनोवेटिव मॉडल निकाले हैं। इसके तहत कम्युनिटी सोलर का कान्सेंप्ट निकाला है। इसके तहत कई लोग मिलकर किसी थर्ड पार्टी से जगह लेकर वहां सोलर पैनल लगवा सकते हैं और पॉलिसी का फायदा ले सकते हैं।
हितधारकों के साथ मिलकर नई पॉलिसी बनाई गई है
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सोलर पॉलिसी 2024 को सभी हितधारकों के साथ मिलकर करीब डेढ़ साल में बनाया गया है। इसे दिल्ली डॉयलाग डेवलपमेंट कमिशन ने विद्युत विभाग के साथ मिलकर बनाया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि करना चाहूंगा कि नई पॉलिसी का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं।
दिल्ली सोलर पॉलिसी का टारगेट
दिल्ली सोलर पॉलिसी 2024 के मुख्यत: दो लक्ष्य हैं। पहला, दिल्ली को पूरे भारत में सौर ऊर्जा अपनाने के मामले में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना ताकि दिल्ली के वायु प्रदूषण को कम किया जा सके। दूसरा, गैर-सब्सिडी वाले आवासीय उपभोक्ताओं के बिजली बिलों को जीरो और कामर्शियल व औद्योगिक उपभोक्ताओं का बिजली का बिल 50 फीसदी तक कम करना है। इसके अलावा, मार्च 2027 तक दिल्ली की कुल स्थापित सौर क्षमता को मौजूदा क्षमता 1500 मेगावाट से तीन गुना बढ़ाकर 4,500 मेगावाट करना है।
सरकारी भवनों के लिए अनिवार्य
नई सौर नीति के तहत 500 वर्ग मीटर से अधिक छत क्षेत्रफल वाले सभी मौजूदा सरकारी भवनों को अगले तीन वर्षों के भीतर अनिवार्य रूप से सौर संयंत्र लगाना होगा। राज्य के बाहर से सौर ऊर्जा संयंत्र- छत सौर संयंत्रों के अलावा दिल्ली सरकार दिल्ली के बाहर उपयोगिता पैमाने के सौर ऊर्जा संयंत्रों से सौर ऊर्जा खरीद को भी बढ़ावा देगी।