दो साल पहले देखा सपना पूरा हुआ
केजरीवाल ने कहा कि हमने दो साल पहले सोचा था कि दिल्ली के अंदर कोई सैनिक स्कूल नहीं है, जो उनको सेना में भर्ती के लिए तैयार कर सके। बहुत सारे बच्चे अपने से फौज में जाते थे। बहुत सारे बच्चे एनडीए समेत अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी करते थे। दिल्ली के अंदर सैनिक स्कूल होना चाहिए। एक साल पहले हमने इसकी तैयारी शुरू की। उम्मीद नहीं थी कि एक साल के अंदर यह बनकर तैयार हो जाएगा।
स्कूल में दाखिले के लिए 18 हजार से अधिक ने किया आवेदन
स्कूल में दाखिला लेने के लिए करीब 18, 541 बच्चों ने आवेदन किया था। इन छात्रों में 9वीं के लिए 7,265 और 11वीं के लिए 11,275 छात्रों ने आवेदन किया था। इनमें से 9वीं कक्षा केलिए आवेदन करने वाले 400 छात्रों को और ग्यारवीं में आवेदन करने वाले 405 छात्रों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। उसके बाद दोनों कक्षाओं के लिए 100-100 छात्रों को मेडिकल केलिए बुलाया गया। नौवीं में 89 और 11वीं में 91 छात्रों को दाखिला दिया गया है।
सैनिक स्कूल के पहले बैच की शुरुआत हुई
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि शहीद भगत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी स्कूल के पहले बैच की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि इन्ही बच्चों में से आने वाला समय में कोई कर्नल, कोई जनरल बनेगा, देश की रक्षा कर रहा होगा। उन्होंने बच्चों को यह संकल्प लेने के लिए कहा कि मुझे देश के लिए कुछ करना है। देश ने मुझे बहुत कुछ दिया है, मुझे भी देश को कुछ देना है।
नौवीं व ग्यारवीं के लिए 100-100 सीट
इस स्कूल में 9वीं और 11वीं कक्षा में 100-100 सीटें हैं, जिसमें 60 लड़कों व 40 लड़कियों के लिए हैं। यह स्कूल 14 एकड़ में फैला है। इसे सभी सुविधाओं से लैस मॉडर्न स्कूल बनाया गया है। दिल्ली सरकार ने दिसंबर 2021 में फौज में भर्ती की ट्रेनिंग देने कि लिए सैनिक स्कूल बनाने का निर्णय लिया था। यह स्कूल दिल्ली सरकार के स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस का हिस्सा और दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन से मान्यता प्राप्त है। यहां आवासीय सुविधा के साथ स्कूल में मुफ्त ट्रेनिंग मिलेगी। लड़कों और लड़कियों को अलग-अलग हॉस्टल है। इस साल से इसकी कक्षाएं शुरू हो रही हैं।