फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: अरविंद केजरीवाल ने आर्म्ड फोर्सेज स्कूल का किया उद्घाटन, छात्रों को फ्री में दी जाएगी शिक्षा

Sat, 27 Aug 2022 03:13 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में शहीद भगत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी स्कूल की शुरूआत हुई। अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को इस स्कूल का उद्घाटन किया।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली सरकार ने बच्चों को सैनिक स्कूल की सौगात दी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को पश्चिमी दिल्ली के झड़ौदा कलां में शहीद भगत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी स्कूल का उद्घाटन किया। यह दिल्ली का पहला सैनिक स्कूल है। यह दिल्ली बोर्ड ऑफ एजुकेशन से संबद्ध है। इसमें नौवीं व ग्यारवीं में प्रवेश लिया जा सकेगा। पूरी तरह से नि:शुल्क इस स्कूल में छात्र पढ़ाई के साथ-साथ सेना में भर्ती की तैयारी कर सकेंगे। अब तक दिल्ली में सेना की तैयारी कराने के लिए कोई स्कूल नहीं था। 

विज्ञापन


शहीद भगत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी स्कूल में बच्चों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (नेशनल डिफेंस अकेडमी) नेवी, एयरफोर्स में भर्ती होने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें प्रशिक्षण देने के लिए आर्मी के सेवानिवृत्त अफसरों को बुलाया जाएगा। उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब दिल्ली के गरीब परिवार के बच्चे भी सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा कर सकेंगे। यह स्कूल स्टेट ऑफ आर्ट फैसिलिटी से युक्त है, जो बड़े-बड़े स्कूलों में भी नहीं होती। 

स्कूल में बच्चों को ऑफिसर के गुण सिखाने के साथ-साथ साइकोमेट्रिक टेस्ट, ग्रुप टॉस्क, मॉक इंटरव्यू और व्यक्तित्व का विकास किया जाएगा। सेना से जुड़े जितने एंट्रेस एग्जाम हैं, उन सबके लिए बच्चों को तैयार किया जाएगा। केजरीवाल ने बच्चों से कहा कि स्कूल का नाम शहीद भगत सिंह पर इसलिए रखा गया है, ताकि उनसे हर बच्चे को प्रेरणा मिले। इस मौके पर मुख्य अतिथि सीएम अरविंद केजरीवाल को स्कूल के बच्चों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
विज्ञापन


इसके बाद नाम पट्टिका का अनावरण किया गया। सीएम अरविंद केजरीवाल सर्विस प्रिपरेटरी विंग में गए और वहां बच्चों से बात की और फिर गर्ल्स हॉस्टल को देखा। मुख्यमंत्री ने अकेडमिक ब्लॉक के सामने लॉन में पौधारोपण किया और कैडेट मेस का भी दौरा किया। इस समारोह में बच्चों के साथ करीब 200 अभिभावकों ने भी हिस्सा लिया। समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया, नजफगढ़ के विधायक व परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत और शिक्षा विभाग के सचिव समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

विज्ञापन

दो साल पहले देखा सपना पूरा हुआ
केजरीवाल ने कहा कि हमने दो साल पहले सोचा था कि दिल्ली के अंदर कोई सैनिक स्कूल नहीं है, जो उनको सेना में भर्ती के लिए तैयार कर सके। बहुत सारे बच्चे अपने से फौज में जाते थे। बहुत सारे बच्चे  एनडीए समेत अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी करते थे। दिल्ली के अंदर सैनिक स्कूल होना चाहिए। एक साल पहले हमने इसकी तैयारी शुरू की। उम्मीद नहीं थी कि एक साल के अंदर यह बनकर तैयार हो जाएगा। 

स्कूल में दाखिले के लिए 18 हजार से अधिक ने किया आवेदन
स्कूल में दाखिला लेने के लिए करीब 18, 541 बच्चों ने आवेदन किया था। इन छात्रों में 9वीं के लिए 7,265 और 11वीं के लिए 11,275 छात्रों ने आवेदन किया था। इनमें से 9वीं कक्षा केलिए आवेदन करने वाले 400 छात्रों को और ग्यारवीं में आवेदन करने वाले 405 छात्रों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। उसके बाद दोनों कक्षाओं के लिए 100-100 छात्रों को मेडिकल केलिए बुलाया गया। नौवीं में 89 और 11वीं में 91 छात्रों को दाखिला दिया गया है। 

सैनिक स्कूल के पहले बैच की शुरुआत हुई
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि शहीद भगत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी स्कूल के पहले बैच की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि इन्ही बच्चों में से आने वाला समय में कोई कर्नल, कोई जनरल बनेगा, देश की रक्षा कर रहा होगा। उन्होंने बच्चों को यह संकल्प लेने के लिए कहा कि मुझे देश के लिए कुछ करना है। देश ने मुझे बहुत कुछ दिया है, मुझे भी देश को कुछ देना है। 

नौवीं व ग्यारवीं के लिए 100-100 सीट
इस स्कूल में 9वीं और 11वीं कक्षा में 100-100 सीटें हैं, जिसमें 60 लड़कों व 40 लड़कियों के लिए हैं। यह स्कूल 14 एकड़ में फैला है। इसे सभी सुविधाओं से लैस मॉडर्न स्कूल बनाया गया है। दिल्ली सरकार ने दिसंबर 2021 में फौज में भर्ती की ट्रेनिंग देने कि लिए सैनिक स्कूल बनाने का निर्णय लिया था। यह स्कूल दिल्ली सरकार के स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस का हिस्सा और दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन से मान्यता प्राप्त है। यहां आवासीय सुविधा के साथ स्कूल में मुफ्त ट्रेनिंग मिलेगी। लड़कों और लड़कियों को अलग-अलग हॉस्टल है।  इस साल से इसकी कक्षाएं शुरू हो रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें