नीति आयोग की बैठक में शनिवार को दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का मसला गूंजा। बैठक में शिकरत करने पहुंचे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मसले को पुरजोर तरीके से उठाया। केजरीवाल ने दलील दी कि कांग्रेस व भाजपा ने अलग-अलग वक्त पर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का वायदा किया था। इस बीच की केंद्र सरकारों ने इस दिशा में ठोस पहल नहीं की।
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली को केंद्रीय करों में से हिस्सा नहीं मिल पा रहा है। 14वें वित्त आयोग ने सिफारिश की थी कि केंद्रीय करों में से 42 फीसदी राज्यों को मिले, लेकिन दिल्ली को केंद्र से महज 325 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। केजरीवाल ने दिल्ली में पेयजल की समस्या पर केंद्र से सहयोग की अपील की।
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार यमुना फ्लड प्लेन में प्राकृतिक तौर पर जल संग्रह करने की योजना पर काम कर रही है। आईआईटी दिल्ली समेत दूसरे कई शोध संस्थानों की रिपोर्ट बताती हैं कि यह संभव हुआ तो एक मानसून का जल संग्रह दिल्ली में पेयजल की किल्लत दूर कर देगा। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार के इस प्रोजेक्ट में केंद्र को मदद करनी चाहिए।