दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली राज्य चुनाव आयोग से एमसीडी चुनाव एक-दो महीने तक टालने की मांग की है। एमसीडी चुनाव में वीवीपीएटी उपकरणों और ईवीएम के इंतजाम में समय लगने की बात करते हुए केजरीवाल ने यह मांग की। हालांकि, राज्य चुनाव आयोग ने केजरीवाल की मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली राज्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि 2006 के इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें खराब हो चुकी हैं, जिन्हें कोई भी बच्चा बड़ी आसानी से हैक कर सकता है। इन खराब हो चुकी ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल 23 अप्रैल को होने वाले एमसीडी चुनावों में किया जा रहा है।
केजरीवाल ने कहा कि ईवीएम मशीनों की विश्वसनीयता को लेकर की गई शिकायतों के बाद दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने इस बारे में मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखने की बात कही है। लेकिन एमसीडी चुनाव में अब सिर्फ एक हफ्ते बचे हैं। ऐसे में ईवीएम मशीनों को बदलने या वीवीपीएटी मशीनें लाने की संभावना नहीं है। इसलिए उन्होंने चुनाव आयोग से मांग कि है कि एमसीडी चुनाव एक या दो महीने बाद कराए जाए।
दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने केजरीवाल की मांग को मानने से इनकार करते हुए कहा कि एक बार चुनाव की तारीखें घोषित हो जाने के बाद उसे स्थगित करने का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि, केजरीवाल ने दिल्ली म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट (डीएमसी) का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र के पास अधिकार है कि वह निकायों का कार्यकाल एक साल बढ़ा सकती है।