दिल्ली की सरकार मात्र पांच मंत्री से चला रहे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि आखिर 10 दिन दो मंत्रियों की नियुक्ति की फाइल क्यों रोकी हुई है? मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, दो मंत्रियों की फाइल पर केंद्र सरकार 10 दिन से बैठा है। दिल्ली सरकार में कई काम रुके हैं। आपकी हमसे दुश्मनी है। दिल्ली की जनता से तो बदला मत लो।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने ट्वीट करके सवाल उठाए और फिर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने संवाददाता सम्मेलन करके कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि में किसे मंत्री बनाना है और किससे क्या काम लेना है, ये अधिकार मुख्यमंत्री का होता है तो फिर फाइल पर इतने दिन से क्यों लिए बैठे हैं? केंद्र सरकार के पास ऐसे कौन से अधिकार हैं और मंत्रियों की नियुक्ति मामले में क्या संवैधानिक दिक्कत ढूंढ रही है?
इससे पहले उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया, दिल्ली में दो नए मंत्री की मंजूरी की फाइल 10 दिन से केन्द्र सरकार लेकर बैठी है। अब तो कपिल का धरना और मीडिया की नौटंकी खत्म हो गई, अब तो कर दो।
बिना विभाग के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार में संवैधानिक स्थिति में 7 मंत्री की नियुक्ति हो सकती है। पहली कुर्सी सेक्स सीडी कांड में संदीप कुमारी की छीनी गई थी और दूसरे मंत्री कपिल मिश्रा है जिन्हें 6 मई को मुख्यमंत्री ने हटा दिया है।