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अब CBI लगाएगी JNU के लापता छात्र नजीब का पता, हाईकोर्ट ने दिए निर्देश

Wed, 17 May 2017 09:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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नजीब अहमद (फाइल फोटो)
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दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र नजीब अहमद की गुमशुदगी का मामला मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया। जस्टिस जीएस सिस्तानी और जस्टिस रेखा पिल्लई की बेंच ने इस मामले ये फैसला दिया है। बता दें कि नजीब अहमद अक्टूबर 2016 से लापता है। 
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अदालत ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि जांच की अगुवाई करने वाला अधिकारी डीआईजी रैंक से कम का नहीं होगा।

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसने मामले की उचित तरीके से जांच की। नजीब को देशभर में तलाशा गया, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि यदि अदालत इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपती है, तो उसे कोई आपत्ति नहीं होगी। 

नजीब अहमद की मां फातिमा नफीस की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए। जेएनयू में एमएससी फर्स्ट ईयर का छात्र नजीब अहमद 14-15 अक्टूबर, 2016 की रात से ही जेएनयू हॉस्टल से लापता है।
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बताया जा रहा है कि लापता होने के पहले नजीब की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्टू़डेंट यूनिट अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कुछ सदस्यों से लड़ाई हुई थी। एबीवीपी ने हालांकि, इस मामले में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है।
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नजीब की मां बोलीं-अब वापस मिलेगा बेटा

नजीब का परिवार - फोटो : अमर उजाला
नजीब अहमद मामले की जांच हाईकोर्ट द्वारा दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच से लेकर सीबीआई को देने पर कैंपस में खुशी का माहौल है। नजीब की मां फातिमा नफीस का कहना है कि पुलिस ने मेरे बेटे को तलाशने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी है। हालांकि अब मामले की जांच सीबीआई करेगी तो एक बार फिर मुझे उम्मीद बंधी है कि मैं अपने बेटे से मिल सकूंगी। इस फैसले का जेएनयू छात्रसंघ, जेएनयू शिक्षक यूनियन से लेकर जेएनयू एबीवीपी ने भी खुशी जतायी है।       

फातिमा का कहना है कि पुलिस अधिकारी कभी जांच के बारे में परिवार को जानकारी ही नहीं देते थे। पहले पुलिस ने जांच टीम अधिकारियों का तबादला होने पर जान बचायी तो बाद में तलाश करने की बात बोलकर बच निकलते थे। जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष मोहित कुमार पांडे ने खुशी जताते हुए कहा कि अब उम्मीद बंधी है कि नजीब वापस मिलेगा। क्योंकि पुलिस कुछ काम ही नहीं कर रही थी। 

वहीं, जेएनयू छात्रसंघ केपूर्व संयुक्त सचिव व एबीवीपी पदाधिकारी सौरभ शर्मा का कहना है कि पुलिस पांच छात्रों को शक के आधार पर परेशान करती रही। जबकि उसे कैंपस समेत नजीब के साथ रहने वाले छात्रों से जानकारी एकत्रित करनी चाहिए थी। अब सीबीआई इस पूरे मामले की जांच करेगी तो सही जानकारी सामने होगी। वहीं, जेएनयू शिक्षक यूनियन की अध्यक्ष प्रो. आशया किदवई ने भी इस फैसले का स्वागत किया है।       
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