आप के मुखिया और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए बजट पर अपने ट्वीट के माध्यम से कई सवाल उठाए हैं।
उनका सबसे पहला सवाल तो बिजली को लेकर बीजेपी के किए गए वादे के बारे में रहा। केजरीवाल ने पूछा है कि चुनावों के दौरान बीजेपी ने बिजली के टैरिफ में 30 प्रतिशत कमी करने की बात कही थी पर उन्होंने ऐसा नहीं किया।
बीजेपी ने ये यू-टर्न क्यों लिया। उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी ने अपने हर एक वादे से इसी तरह पलटी है। वो अपने हर वादे से मुकर गए हैं।
महंगाई-बिजली-पानी पर साधा निशाना
केजरीवाल अपने ट्वीट में ये भी पूछते हैं कि बजट में सब्जियों के बढ़ रहे दामों को रोकने का भी कोई उल्लेख नहीं किया है। आखिर इन बढ़ रही कीमतों से दिल्लीवासियों को कैसे राहत मिलेगी।
आगे केजरीवाल पूछते हैं कि बजट में बिजली पूर्ति को किस तरह सुचारू रूप से चलाया जाएगा इसे भी कहीं बताया नहीं गया है। केवल बिजली ही नहीं पानी की समस्या को लेकर भी केजरीवाल ने दिल्ली बजट पर सवाल उठाए।
पानी की कमी से जूझती दिल्ली के लोगों के लिए पानी की व्यवस्था के बारे में अरविंद ने लिखा कि सरकार बताए कि इस बजट से दिल्ली वालों को पानी कैसे मिलेगा और टैंकर माफिया पर नियंत्रण कैसे किया जाएगा। बता दें कि दिल्ली में अधिकतर जगहों पर पीने का पानी टैंकर से ही सप्लाई होता है।
'आप की सरकार गिरने के बाद बढ़ा भ्रष्टाचार'
वहीं उन्होंने दो नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की घोषणा के संबंध में सवाल पूछा कि जब द्वारका प्लांट कई सालों से निष्क्रिय पड़ा हुआ है और ओखला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अपनी क्षमता से कम काम कर रहा है तो दो नए प्लांट की घोषणा क्यों की गई?
अरविंद ने कहा कि इस बजट में तो कहीं भी नहीं लिखा है कि भ्रष्टाचार जैसी बड़ी समस्या से कैसे लड़ा जाएगा जो 'आप' की सरकार गिरने के बाद बहुत बढ़ गया है।
बजट पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए केजरीवाल सरकार से जवाब मांगते हैं कि इस बजट से ऐसा लगता है कि क्या बीजेपी दिल्ली की समस्या समझती भी है?