दिल्ली सरकार किसकी? उपराज्यपाल या मुख्यमंत्री की? सर्वोपरि उपराज्यपाल हैं या फिर मुख्यमंत्री? अंतिम फैसला लेने का अधिकार किसका है?
मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बिना उपराज्यपाल ने शकुंतला डी गैमलिन को कार्यवाहक मुख्य सचिव बनाया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा उपराज्यपाल ने असंवैधानिक कार्य किया, उपराज्यपाल कार्यालय ने कहा उन्हें अधिकार है।
इन सवालों का जवाब ढूंढ़ते-ढूंढ़ते उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच अधिकार की लड़ाई खुले प्लेटफॉर्म पर आ गई है। नया मामला कार्यवाहक मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर है। इस मामले में आईएएस अधिकारी संविधान व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र अधिनियम में उपराज्यपाल को बॉस बनाए जाने का हवाला देकर नजीब जंग के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री 1984 बैच की आईएएस अधिकारी शकुंतला डी गैमलिन को इस रेस से बाहर रखना चाहते थे तो उपराज्यपाल ने शक्तियों का इस्तेमाल करके शकुंतला डी गैमलिन को ही कार्यवाहक मुख्य सचिव बना दिया है।
नियुक्ति से चंद घंटे पूर्व गैमलिन ने उपराज्यपाल को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री की तरफ से बिना सबूत निजी कंपनी के साथ मिले होने के आरोप लगाने व रेस से बाहर रहने की बात पर आपत्ति दर्ज कराई थी।