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खुद ही फंसे केजरीवाल, नहीं लेंगे मोदी से टक्कर!

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मंगलवार को यह साफ हो गया कि दिल्ली में विधान सभा चुनाव के बाद ही सरकार बनेगी। इसके तुरंत बाद ही अरविंद केजरीवाल ने अपना राजनीतिक दांव चलना शुरू कर दिया है।
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बुधवार को अलसुबह अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट कर राजनीति में अपने एक नए दांव का संकेत दिया। उनका यह ट्वीट इस बात की ओर साफ संकेत है कि भले ही दिल्ली में उनका मुख्य मुकाबला भाजपा से है लेकिन वह भाजपा के सबसे बड़े चेहरे से सीधा उलझना नहीं चाहते।

बता दें कि यह वही केजरीवाल हैं जिन्होंने लोकसभा चुनाव में मोदी को टक्कर दी थी और उनके खिलाफ बनारस में चुनाव लड़े थे। हालांकि न सिर्फ बनारस में उन्हें करारी हार मिली बल्कि, आम आदमी पार्टी को लोकसभा में भी शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा।
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आगे पढ़िए, केजरीवाल का ट्वीट
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मोदी से सीधे भिड़ने से बच रहे केजरावाल

शायद यह मोदी का ही भय है कि केजरीवाल ने इस बार अपनी गलती सुधारने का मन बना लिया है। केजरीवाल भले ही यह कह रहे हों कि वह इस चुनाव में अपने 49 दिनों की सरकार के काम के आधार पर लोगों से वोट मांगेंगे लेकिन यह भी साफ हो गया है कि वह मोदी पर सीधा निशाना नहीं साधेंगे।

केजरीवाल ने बुधवार सुबह एक ट्वीट कर यह स्पष्ट कर दिया। उन्होंने साफ किया कि इस बार आम आदमी पार्टी अपने 49 दिनों के शासन के आधार पर इलेक्‍शन का सामना करेगी। हालांकि इसके बदले वह मोदी की सरकार को निशाना बनाने की जगह दिल्ली महानगरपालिका को निशाने पर रख रहे हैं।

उन्होंने अपने ट्वीट में भाजपा से सवाल करते हुए पूछा कि पिछले सात साल से भाजपा ही एमसीडी पर काबिज है। पार्टी बताए कि इन सात सालों में उसने दिल्ली के लिए क्या किया।

क्या यह ट्वीट इस बात की ओर इशारा नहीं कि चुनावी मैदान में आने से पहले ही अरविंद केजरीवाल मोदी से सीधा मुकाबला करने से परहेज कर रहे हैं।

We are fighting elections on performance of our 49 day govt whereas BJP just abusing us. Can BJP explain what did they do in 7 yrs in MCD?— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) November 5, 2014

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