दिल्ली सरकार और अन्य निकाय आग की घटनाओं को लेकर कितने गंभीर हैं, उसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करोल बाग स्थित अर्पित होटल मामले में अब तक एसआईटी नहीं बनी है। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार को सभी विभागों की एक स्पेशल इन्स्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) बनाने के लिए पत्र लिखा था।
एसआईटी न बनने से अब तक अर्पित होटल में आग लगने के कारणों का स्पष्ट तौर पर खुलासा नहीं हो पाया है। अनाज मंडी में इमारत में लगी आग के कारणों का पता करने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर दिल्ली सरकार से एसआईटी बनाने की मांग की है।
करोल बाग में स्थित अर्पित होटल में 12 फरवरी, 2019 को आग लगने के कारण 17 लोगों की मौत हो गई थी। होटल के मालिक गोयल बंधुओं राकेश व शरदइंदु, मैनेजर राजेंद्र कुमार और अटेंडेंट विकास कुमार को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, आग कमरा नंबर 109 में लगी थी। शुरुआती जांच में बिजली के तारों में शार्ट सर्किट की वजह से कमरे में आग लगने का पता चला। मामले की जांच बाद में अपराध शाखा को सौंप दी गई थी।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि होटल में आग के कारणों का पता करने के लिए दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर फायर विभाग, बिजली, एफएसएल और दिल्ली पुलिस आदि विभागों की एसआईटी बनाने की मांग की गई थी। दिल्ली सरकार ने अब तक एसआईटी नहीं बनाई है। एसआईटी बनाने के लिए दिल्ली सरकार को कई बार रिमांडर भी भेजा गया था। अर्पित होटल अग्निकांड में फायर विभाग व एफएसएल आदि की रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को मिली थी, मगर इन्होंने आग का कारण नहीं बताया था।