फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरुग्राम: दिनभर धुंध की चादर में ढका रहा शहर, पता चला कि रात से ही बढ़ने लगता है प्रदूषण

Fri, 15 Nov 2019 07:20 PM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
विज्ञापन
गुरुग्राम में छाई रही धुंध - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में शुक्रवार को प्रदूषण के स्तर में बेतहाशा वृद्धि देखने को मिली और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) एक दिन पहले के मुकाबले 48 अंक चढ़कर 460 दर्ज किया गया। शुक्रवार को प्रदूषण सप्ताह के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया।

विज्ञापन


सुबह के समय स्मॉग इस कदर थी कि दृश्यता महज 250-300 मीटर ही रह गई थी। ऐसे में सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों ने भी एहतियातन वाहन की गति धीमी ही रखी। वहीं, प्रदूषण की वजह से आंखों में जलन व बिना मास्क के चल रहे दोपहिया वाहन चालकों ने सांस लेने में दिक्कत महसूस की।

प्रदूषण का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा समस्या सांस व दमा रोगियों को हो रही है। प्रदूषण का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शासकीय व निजी अस्पतालों में बीते एक सप्ताह के दौरान 20 फीसदी मरीजों की संख्या बढ़ गई है, जिसमें सांस, दमा, बुखार, जुकाम के मरीज शामिल हैं।

विज्ञापन

दिन में नहीं खिली धूप

दिन में हल्की धूप निकलने से पिछले पांच दिन के दौरान दिन में लोगों को प्रदूषण से राहत मिल रही थी, लेकिन शुक्रवार को स्थिति थोड़ी अलग रही, धूप न निकलने से प्रदूषण में कोई खास कमी नहीं आई। शुक्रवार को सुबह से लेकर शाम तक स्थिति एक जैसी रही। 

हैरत की बात यह है कि तेजी से बढ़ते प्रदूषण के बीच कूड़ा जलाने की घटनाएं बदस्तूर जारी हैं। शुक्रवार को भी सेक्टर-37 स्थित गोशाला के सामने लगे कूड़े के ढेर में आग लगा दी, जिससे चारों तरफ धुआं फैल गया। थोड़ी देर में फायर ब्रिगेड बुलाकर आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक चारों तरफ धुआं फैल चुका था। 

खुले में पड़ी रही निर्माण सामग्री

ग्रेप के तहत खुले में निर्माण सामग्री को प्रतिबंधित किया गया है, लेकिन रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार को भी खुले में निर्माण सामग्री पड़ी रही। प्रदूषण से बचाव के लिए शुक्रवार को अग्निशमन विभाग व नगर निगम ने संयुक्त रूप से शहर में सेक्टर-14, सिविल लाइन, एमजी रोड समेत अन्य जगहों पर पानी का छिड़काव कराया। 
विज्ञापन

रात से ही बढ़ने लगता है प्रदूषण

शाम ढलने के साथ ही रात 10 बजे के बाद से प्रदूषण बढ़ने लगता है, जो सुबह 10 बजे तक जारी रहता है। बृहस्पतिवार को भी यही हुआ, जहां शाम चार बजे एक्यूआई 412 था जो रात 11:36 बजे बढ़कर 447 पहुंच गया। इसमें भी ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र की स्थिति तो और भी बदतर थी, जहां एक्यूआई रात 11:36 पर ही 484 पहुंच चुका था, जबकि इसी समय शहर का एक्यूआई 412 दर्ज किया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें