दिन में हल्की धूप निकलने से पिछले पांच दिन के दौरान दिन में लोगों को प्रदूषण से राहत मिल रही थी, लेकिन शुक्रवार को स्थिति थोड़ी अलग रही, धूप न निकलने से प्रदूषण में कोई खास कमी नहीं आई। शुक्रवार को सुबह से लेकर शाम तक स्थिति एक जैसी रही।
हैरत की बात यह है कि तेजी से बढ़ते प्रदूषण के बीच कूड़ा जलाने की घटनाएं बदस्तूर जारी हैं। शुक्रवार को भी सेक्टर-37 स्थित गोशाला के सामने लगे कूड़े के ढेर में आग लगा दी, जिससे चारों तरफ धुआं फैल गया। थोड़ी देर में फायर ब्रिगेड बुलाकर आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक चारों तरफ धुआं फैल चुका था।
खुले में पड़ी रही निर्माण सामग्री
ग्रेप के तहत खुले में निर्माण सामग्री को प्रतिबंधित किया गया है, लेकिन रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार को भी खुले में निर्माण सामग्री पड़ी रही। प्रदूषण से बचाव के लिए शुक्रवार को अग्निशमन विभाग व नगर निगम ने संयुक्त रूप से शहर में सेक्टर-14, सिविल लाइन, एमजी रोड समेत अन्य जगहों पर पानी का छिड़काव कराया।
शाम ढलने के साथ ही रात 10 बजे के बाद से प्रदूषण बढ़ने लगता है, जो सुबह 10 बजे तक जारी रहता है। बृहस्पतिवार को भी यही हुआ, जहां शाम चार बजे एक्यूआई 412 था जो रात 11:36 बजे बढ़कर 447 पहुंच गया। इसमें भी ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र की स्थिति तो और भी बदतर थी, जहां एक्यूआई रात 11:36 पर ही 484 पहुंच चुका था, जबकि इसी समय शहर का एक्यूआई 412 दर्ज किया गया।