90 दिन के अंदर होगी स्कीम लागू
केजरीवाल ने बताया कि 18 अगस्त 2022 को जनता के सुझाव के लिए डाला गया। 8 सितंबर तक लोगों के सुझावों पर अमल करते हुए 8 मई को मंजूरी दी गई और 25 मई को एलजी से मंजूरी मिली। एलजी से मंजूरी मिलने के 90 दिन के अंदर स्कीम लागू हो जाएगी।
इलेक्ट्रिक बसों पर लाइसेंस फीस नहीं ली जाएगी
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इसके अंतर्गत दिल्ली की सड़कों पर चलने वाली सीएनजी बसें तीन साल से अधिक पुरानी नहीं होगी। एक जनवरी 2025 के बाद जो नई बसें इस स्कीम में शामिल की जाएंगी, वो केवल इलेक्ट्रिक बसें होंगी। लाइसेंस लेने वाले एग्रीगेटर के बेड़े में कम से कम 25 बसें होनी आवश्यक है। इस स्कीम में शामिल होने वाली इलेक्ट्रिक बसों पर लाइसेंस फीस नहीं ली जाएगी। इससे इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा मिलेगा और अधिक से अधिक ई-बसें आ सकेंगी।
लग्जरी बसों में ये स्कीम लाई जा रही है
केजरीवाल ने स्कीम के बारे में बताते हुए कहा कि बसों में अधिकतर लोअर मिडिल क्लास और इकोनॉमिक क्लास के लोग यात्रा करते हैं। मिडिल और अपर मिडिल क्लास को अपने निजी वाहनों छोड़कर बसों में सफर करने के लिए प्रेरित करने के लिए ये स्कीम लाई जा रही है। एक लाइसेंस होल्डर कम से कम 25 लग्जरी बसें लेकर आएगा, जो दिल्ली की सड़कों पर चलेंगी।
प्रीमियम एग्रीगेटेड बस सेवा शुरू करने के पीछे निजीकरण की मंशा : वीरेंद्र सचदेवा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दिल्ली सरकार की प्रीमियम एग्रीगेटेड बस सेवा शुरू करने की मंशा पर सवाल उठाया है। उन्होेंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार की घोषणा सार्वजनिक सेवाओं का निजीकरण करने की मंशा का प्रमाण है।
इसके अलावा इस निर्णय सेे साबित हो गया है कि मुख्यमंत्री ने जानबूझकर दिल्ली परिवहन निगम को बर्बाद किया है। सचदेवा ने कहा कि वर्ष 2015 में सत्ता में आने के बाद से ही अरविंद केजरीवाल दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का निजीकरण करने की कोशिश कर रहे हैं। वर्ष 2016 में ही सरकार प्रीमियम एग्रीगेटेड बस सेवा का प्रस्ताव लेकर आई थी। हालांकि, उपराज्यपाल की अनिवार्य मंजूरी नहीं ली गई थी और इस मामले की एंटी करप्शन ब्यूरो के पास शिकायत दर्ज की गई थी। इसके बाद दिल्ली सरकार चुप हो गई थी।
रामवीर सिंह बिधूड़ी ने मुख्यमंत्री की प्रीमियम बस एग्रीगेटर योजना को शेख चिल्ली की एक और उड़ान बताया है। उन्होंने कहा कि जमीनी सच्चाई को स्वीकार किए बिना सिर्फ परिकल्पना के सहारे यह योजना लाई जा रही है। प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और विधायक विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन के लिए मौजूदा नीतियां राज्य की प्राथमिक सार्वजनिक परिवहन सेवा, दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की कीमत पर निजी बस ऑपरेटरों को फायदा पहुंचाने के लिए गलत इरादों से तैयार की गई है।