अपोलो अस्पताल ने पाकिस्तान के रास्ते आई मासूम को जीवनदान देकर मानवता का रिश्ता कायम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अस्पताल के विशेषज्ञों ने पाकिस्तान से आई अफगानी बच्ची का लिवर प्रत्यारोपण कर नया जीवन दिया।
ये तीन साल की मासूम हादिया लिवर सिरहोसिस नामक बीमारी से ग्रस्त थी। इसका लिवर फेल हो चुका था। जब हादिया इलाज के लिए लाहौर पहुंची तो डॉक्टरों को उसकी हालत के बारे में पता चला।
चूंकि हादिया के पिता मजदूर हैं, इसलिए पाकिस्तान के डॉक्टरों ने इलाज की रकम दान में एकत्रित कर अपोलो अस्पताल से संपर्क किया।
अपोलो अस्पताल के बाल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. अनुपम सिब्बल ने बताया कि पाकिस्तान के लाहौर स्थित चिल्ड्रेन अस्पताल में बाल हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. हूमा चीमा ने कुछ समय पहले फोन पर बच्ची की तबीयत के बारे में जानकारी दी थी।
अस्पताल ने रियायती दरों पर ऑपरेशन करने की मंजूरी भी दी। इसके बाद हादिया अपने पिता के साथ दिल्ली पहुंची। डॉ. सिब्बल ने बताया कि हमने तुरंत उसकी जांच की क्योंकि हादिया का प्रत्यारोपण जल्द करना था। जब लिवर फेलियोर अपनी अंतिम अवस्था में पहुंच जाता है, तो हमारे पास सिर्फ प्रत्यारोपण ही विकल्प बचता है।