आपको सुनने में अजीब लग सकता है कि ताश खेलने से भी स्वास्थ्य लाभ मिलता है। जी हां, यह सच है कि ताश के पत्ते खेलने से सुडो डिमेंशिया जैसी बीमारी ठीक हो सकती है।
यह बीमारी इन दिनों 35 वर्ष तक की आयु के लोगों में ज्यादा देखने को मिल रही है। इसके पीछे वजह युवाओं की मल्टी कार्यशैली है। अक्सर लोग फोन पर बात करते हुए कई कार्य एकसाथ करने लगते हैं।
इसका प्रभाव यह होता है कि वे उस दौरान घटित चीजों को याद रखने में नाकामयाब होते हैं। उनके मस्तिष्क में वे यादें ज्यादा देर तक स्टोर नहीं हो पाती। ये कहना है अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. विनीत सूरी का। बुधवार को विश्व अल्जाइमर दिवस था।
डॉ विनीत सुरी ने कहा कि अक्सर लोग समझते हैं कि डिमेंशिया और अल्जाइमर एक ही हैं। लेकिन वास्तव में दोनों दोनों अलग होती हैं। अल्जाइमर डिमेंशिया का एक प्रकार है।