जुनपत में राजकुमार शर्मा और उसके गनर नितिन वर्मा की घर के सामने हत्या के मामले में करीब दस माह से वांछित मनोज सरपंच को सूरजपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मनोज को अनिल दुजाना का दायां हाथ बताया जा रहा है। मेरठ पुलिस ने उस पर 12 हजार रुपये का इनाम घोषित कर था। मामले में कुल 11 अरोपी बनाए गए थे जिनमें मनोज समेत अब तक चार को गिरफ्तार किया जा चुका है।
बृहस्पतिवार सुबह आरोपी मनोज सरपंच निवासी गांव दुजाना को पुलिस ने पिस्टल और कारतूस के साथ ग्राम साकीपुर के पास गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि मनोज, अनिल दुजाना के लिए हत्या, लूट समेत फिरौती के लिए अपहरण और लोगों को डरा धमकाकर जमीन पर कब्जा करने का काम करता था।
वह गैंग के लिए रुपये, हथियार और गाड़ी का भी इंतजाम करता था। पुलिस ने मनोज को शार्प शूटर बताया है। कुछ दिनों पूर्व भी पुलिस ने इस मामले में रिंकू पंजाबी को गिरफ्तार किया था। इसे डबल मर्डर मामले और अनिल दुजाना का नेटवर्क तोड़ने में बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
मालूम हो कि राजकुमार शर्मा के पुत्र की दादरी में हत्या में उसके दूसरे बेटे गवाह थे। जिसमें अनिल दुजाना का नाम आ रहा था। पुलिस के मुताबिक मामले में गवाही होने से नाराज गैंग सरगना नाराज था। बताया जा रहा है कि मामले में वांछित दूसरे गैंग के सरगना बलराम ठाकुर से मिलकर उसको हत्या की सुपारी दी थी।
अनिल ने पेशी पर सूचना देकर मनोज सरपंच को बुलवाया और बलराम के शूटर को हथियार, रुपये और गाड़ी की व्यवस्था करने के लिए कहा था। वहीं, बताया जा रहा है कि उसने अपने लोगों से हत्या के लिए मुखबरी को भी अंजाम दिलाया था। बताया जा रहा है कि आरोपी की तलाश में पिछले काफी दिनों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की एसटीएफ भी लगी हुई थी। मनोज को 2002 में दोहरे हत्याकांड में गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है।
पिछले दिनों राजकुमार शर्मा और उनके तीनों भाइयों का परिवार प्रदेश छोड़कर चला गया था। मामले में सुरक्षा वापस लेने में पुलिस की भी खूब किरकिरी हुई थी। मीडिया में चर्चा होने के बाद से सूरजपुर पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंककर पहले रिंकू पंजाबी को गिरफ्तार किया। इसके बाद मनोज सरपंच को गिरफ्तार कर लिया।