त्रिलोक सिंह अवतार सिंह के भाई हैं और जालंधर में रहते हैं। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सिख दंगों के पांच मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। इन सभी मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्तूबर 1984 को हत्या के बाद दंगे भड़क गए थे। इनमें हजारों लोगों की जान गई थी।
एसआईटी ने दाखिल की थी चार्जशीट, पुलिस ने बंद कर दिया था केस
दिल्ली पुलिस ने साक्ष्यों के अभाव में इस मामले की जांच 1994 में बंद कर दी थी। बाद में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले की जांच कर चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने एसआईटी की चार्जशीट में दिए साक्ष्यों व गवाहों से जिरह के आधार पर हत्या, हत्या की कोशिश, लूटपाट, मारपीट, अनाधिकृत प्रवेश व अन्य धाराओं में दोषी ठहराया है। हत्या की धारा में दोषी ठहराये जाने पर मृत्युदंड अथवा आजीवन कारावास का ही प्रावधान है।