ईपीसीए ने कहा है कि दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों की 30 से 40 फीसदी हिस्सेदारी है। नाइट्रोजन ऑक्साइड और पर्टिकुलेट मैटर संबंधी प्रदूषण में खासतौर से निजी और व्यावसायिक वाहन व डीजल वाहन इजाफा करते हैं।
सीपीसीबी टास्क फोर्स ने की बैठक
ईपीसीए की सिफारिश पर विचार करने के लिए सीपीसीबी टास्क फोर्स ने एक बैठक बुलाकर अन्य प्राधिकरणों को इनके अलावा अन्य उपायों को भी सख्ती से लागू करने का आग्रह किया। बैठक में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, यूपी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और भारतीय मौसम विभाग समेत कई अन्य प्राधिकरण के अधिकारी शामिल रहे।