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दिल्ली प्रदूषण: हालात बिगड़े तो लागू होगा सम-विषम या चलेंगे केवल सीएनजी वाहन

Thu, 15 Nov 2018 06:43 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बारिश की बूंदों से सुधार में आ रही दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता फिर बिगड़ी तो इसकी गाज निजी पेट्रोल-डीजल वाहनों पर गिर सकती है। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण की दोबारा आपात स्थिति बनने पर निजी पेट्रोल-डीजल वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने या सम-विषम व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की है।

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ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने बुधवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को लिखे पत्र में यह सिफारिश करते हुए जल्द निर्णय लेकर जवाब देने को कहा। भूरेलाल ने पत्र में कहा कि आर्थिक नुकसान और श्रमिक वर्ग की आजीविका के संकट को देखते हुए हम सभी तरह के प्रतिबंधों को 12-13 दिन से ज्यादा नहीं खींच सकते। 

इसी तरह ट्रकों पर रोक भी अधिकतम 4 दिन तक लग सकती है। दुनिया के अन्य देशों की तरह निजी वाहनों पर रोक के आपात उपाय को भी हमें शामिल करना होगा। उन्होंने ये भी कहा कि वे जानते हैं एक उपयुक्त सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के अभाव में निजी वाहनों को बंद करने पर आम जनता को परेशानी होगी, लेकिन कोई विकल्प नहीं है। बता दें कि इससे पहले वर्ष 2016 में भी दो मौकों पर जनवरी और अप्रैल में प्रदूषण घटाने के लिए सम-विषम व्यवस्था राजधानी में लागू की जा चुकी है।

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30 से 40 फीसदी है वाहनों का प्रदूषण

ईपीसीए ने कहा है कि दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों की 30 से 40 फीसदी हिस्सेदारी है। नाइट्रोजन ऑक्साइड और पर्टिकुलेट मैटर संबंधी प्रदूषण में खासतौर से निजी और व्यावसायिक वाहन व डीजल वाहन इजाफा करते हैं।

सीपीसीबी टास्क फोर्स ने की बैठक
ईपीसीए की सिफारिश पर विचार करने के लिए सीपीसीबी टास्क फोर्स ने एक बैठक बुलाकर अन्य प्राधिकरणों को इनके अलावा अन्य उपायों को भी सख्ती से लागू करने का आग्रह किया। बैठक में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, यूपी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और भारतीय मौसम विभाग समेत कई अन्य प्राधिकरण के अधिकारी शामिल रहे। 
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