हम आलोचना से क्यों डरते हैं
कुलपति शांतिश्री धूलिपुडी पंडित ने कहा कि आप में से अधिकांश को हमारे देवताओं की उत्पत्ति को मानवशास्त्रीय रूप से जानना चाहिए। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम बाबासाहेब के विचारों पर पुनर्विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म एक धर्म नहीं है, यह जीवन का एक तरीका है तो हम आलोचना से क्यों डरते हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि हो सकता है कि भगवान जगन्नाथ आदिवासी हों।