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दिल्ली का खूंखार सीरियर किलर, बच्चों की हत्या कर करता था रेप

Sun, 19 Jul 2015 01:07 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली के बेगमपुर इलाके में निठारी कांड जैसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने ऐसे दरिंदे को गिरफ्तार किया है, जिसके सामने कोई मासूम बच्ची या बच्चा आ जाए तो वह उसकी सुनसान जगह पर ले जाकर हत्या कर देता था।
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हत्या करने के बाद वह बच्ची के साथ दुष्कर्म और बच्चे से कुकर्म करता था। आरोपी करीब 35 वारदात को अंजाम दे चुका है। आरोपी वर्ष 2008 से इस तरह की दिल दहला देने वाली वारदात को दिल्ली-एनसीआर और यूपी में अंजाम दे रहा था।

पुलिस ने करीब 15 वारदात को सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने उन 15 जगहों की पहचान कर ली है, जहां इसने मासूमों की हत्या करने के बाद उनके साथ दुष्कर्म व कुकर्म किया था।
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कई जगहों से मिले मासूमों के शव

पहचान की गई जगहों से पुलिस को मासूमों के शव मिले थे। हालांकि कुछ मामलों में आरोपी ने दुष्कर्म या कुकर्म के बाद बच्चों की हत्या की बात कबूली है।

डीसीपी विक्रमजीत सिंह ने बताया कि एक बच्ची की हत्या व दुष्कर्म के आरोप में गंज डुंडवारा (यूपी) निवासी रविंद्र कुमार (25) को गिरफ्तार किया था।

जब उससे पूछताछ की गई तो रविंद्र ने दिल दहला देने वाले मामलों का खुलासा किया। डीसीपी ने बताया कि बेगमपुर इलाके से छह वर्षीय बच्ची के गायब होने की सूचना 14 जुलाई को मिली थी।

बाद में उसका शव घर से कुछ दूरी पर मिल गया था। तफ्तीश में पता चला कि बच्ची से दुष्कर्म हुआ है। पुलिस को मौके से सन्नी नाम के युवक का ड्राइविंग लाइसेंस व अन्य कुछ कागजात मिले थे।

ऐसे पकड़ा गया दरिंदा

छानबीन में पता चला कि सन्नी अस्पताल में भर्ती है। सन्नी ने पुलिस में लूटपाट की शिकायत दर्ज करा रखी थी। सन्नी ने बताया कि उसे उसके दोस्त रविंद्र, सुनील व एक नाबालिग दोस्त ने मारा पीटा और उससे 2000 रुपये, बाइक, मोबाइल फोन आदि सामान लूट लिया।

एसीपी समयपुर बादली ऋषि देव की देखरेख में इंस्पेक्टर जगमिंदर सिंह दहिया, शरद कोहली और स्पेशल स्टाफ प्रभारी केपी मलिक आदि की देखरेख में दस पुलिस टीमें बनाई गई।

इन पुलिस टीमों ने मुखबिरी के बाद 16 जुलाई को रविंद्र को दबोच लिया। अदालत ने उसे 23 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पूछताछ में रविंद्र ने इस तरह की 15 वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।

ये दिल्ली, एनसीआर व उत्तरप्रदेश के नोएडा, टप्पल, अलीगढ़ और कासगंज आदि में इस तरह की वारदात को अंजाम दे चुका है। बेगमपुर थाना पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर उन जगहों की पहचान कर रही है, जहां आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया है।

अश्लील फिल्में देख कतरा था दरिंदगी

दरिंदा रविंद्र कुमार गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को निशाना बनाता था। वह तीन से 12 वर्ष के बच्चों के साथ अश्लील हरकतें करता था।

आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि उसने वर्ष 2007 के आखिर में जैन नगर, कराला गांव इलाके में दोस्त सचिन के साथ अश्लील फिल्म देखी थी।

इस फिल्म में मासूम बच्चियों की हत्या करने के बाद व हत्या करने से पहले दुष्कर्म किया गया था। फिल्म देखने के बाद वह वर्ष 2008 के शुरू से दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम देने लगा।

मजदूरी के पैसे से करता नशा

पांचवीं तक पढ़ा आरोपी रविंद्र मजूदरी करता था। वह दस-पांच दिन मजदूरी करता था और कमाए गए पैसे से फिर कुछ दिन नशा करता था। आरोपी ने कुछ दिन आरटीवी बस में कंडक्टरी भी की है।

बाहरी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी रविंद्र हर मासूम के साथ कुकर्म जरूर करता था। वह बच्ची के साथ पहले दुष्कर्म करता था और बच्चे के साथ कुकर्म।

बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद वह उनके साथ भी कुकर्म जरूर करता था। ज्यादातर वारदात में उसने उनकी हत्या कर दुष्कर्म व कुकर्म किया है, हालांकि बेगमपुर में उसने जिस छह वर्षीय बच्ची की हत्या की थी। उस बच्ची के साथ रविंद्र ने पहले दुष्कर्म किया था।
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गांजा और शराब दोनों का एक साथ नशा करता

आरोपी ने खुलासा किया है कि वह गांजा और शराब दोनों का एक साथ नशा करता था। नशे में ही वारदात को अंजाम देता था। जब तक उसका नशा कम नहीं हो जाता था।

वह मासूम के साथ घिनौनी हरकतें करता रहता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ बहुत ही वैज्ञानिक व पुख्ता साक्ष्य पुलिस को मिल गए हैं।

पुलिस को जांच में पता लगा है कि दरिंदा रविंद्र मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करता था और न हीं मोबाइल फोन अपने पास रखता था।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी मोबाइल फोन अपने पास क्यों नहीं रखता था। क्या उसे ये पता था कि वह मोबाइल का प्रयोग करेगा तो वह पकड़ा जाएगा।
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