2015 से सक्रिय है राजकुमार मीणा
पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि पुलिसकर्मियों से उगाही करने वाला राजकुमार उर्फ राजू मीणा वर्ष 2015 से सक्रिय है। वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाता था। ये उन्हें चालान से बचने के लिए छोटी रकम स्वीकार करने के लिए उकसाते थे, गुपचुप तरीके से छेड़छाड़ किए गए वीडियो रिकॉर्ड करते थे।
देते थे ये धमकियां
बाद में उन वीडियो का इस्तेमाल पीड़ितों को निलंबन, विभागीय जांच, सतर्कता कार्रवाई, या झूठे आपराधिक मामलों की धमकी देने के लिए करते थे। इस तरह ये कई वर्षों तक बार-बार बड़ी रकम वसूलने के लिए किया गया, जिससे उन्हें अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ। आरोपी राजकुमार उर्फ राजू मीना को आठ दिसंबर, 202, दूसरे आरोपी मुकेश उर्फ पकोड़ी को 11 दिसंबर, 2025 को, संजय गुप्ता को 20 जनवरी, 2026 को और इंस्पेक्टर के. के. शर्मा की टीम ने जीशान अली को अब चार मई को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी जीशान अभी पुलिस हिरासत में है।
पेशे से ट्रांसपोर्टर है जीशान
आरोपी जीशान अली स्वर्गीय रामजानी का बेटा और नवीन विहार बेगमपुर रोहिणी, दिल्ली का रहने वाला है। वह पेशे से ट्रांसपोर्टर है। पहले से गिरफ्तार आरोपी राजकुमार एक संगठित अपराध सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य है। आरोपी जीशान अली कमर्शियल वाहनों के मालिकों को चालान से बचाने में मदद करने के लिए अपने स्टिकर/निशान भी सप्लाई करता था। जब भी कोई ट्रैफिक पुलिस कर्मी जीशान अली का निशान/स्टिकर लगे किसी वाहन का चालान करता था, तो वह उन्हें कानूनी कार्रवाई न करने की धमकी देता था। इसके लिए वह उन्हें ऐसे मनगढ़ंत वीडियो दिखाता था जिनमें ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों को पैसे देते हुए दिखाया गया होता था। आरोपी के खिलाफ पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज हैं।