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मिलावटी मसालों की एक और फैक्ट्री पकड़ी

Sat, 21 Feb 2015 01:28 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने मिलावटी मसालों की एक और फैक्ट्री पकड़ी है। अफसरों ने छापामारी कर 20 क्विंटल मसालों को सीज कर पांच सैंपल जांच को भेजे हैं। आरोपी बिना लाइसेंस के 20 साल से यह धंधा कर रहा था। यहां पीला रंग मिलाकर हल्दी बनायी जा रही थी।
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फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के अफसरों को रमतेराम रोड पर मिलावटी मसाले तैयार होने की जानकारी मिली थी। इसके चलते यहां नौ जनवरी को दो सैंपल लिए थे, लेकिन मौके पर मिलावट का सामान नहीं मिला था।

रमतेराम रोड पर आत्माराम के अहाते में अजंता ग्राइंडर्स के नाम से मसाले तैयार किए जा रहे हैं। यहां पर रात में मसाले तैयार करने का काम होता है और सुबह होते ही मिलावट के सामान को हटा दिया जाता था।
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डीओ विनीत कुमार सुबह सात बजे अकेले उक्त फैक्ट्री पर पहुंचे। इसके बाद साथी अधिकारियों को मौके पर बुला लिया गया। डीओ ने बताया कि फैक्ट्री में थोक में नकली मसाले तैयार किए जाते थे।

एक रात में एक ही तरह के मसाले यहां तैयार होते थे। शुक्रवार को मिलावटी हल्दी तैयार की गई थी। चावल की कनकी का पाउडर बनाकर उसमें लैड क्रोमेट और सुडान डाई मिलाकर हल्दी पाउडर बन रहा था।

फूड सेफ्टी अफसर भगवत सिंह, यदुवीर सिंह और रामवीर सिंह की टीम ने यहां से पांच सैंपल लेकर जांच को भेजे हैं। इससे पहले नौ जनवरी को यहां छापामारी हुई थी, लेकिन अधिकारियों को यह पता नहीं चल पाया कि यह फैक्ट्री बिना लाइसेंस के चल रही है।

गाजियाबाद-नोएडा डीओ विनीत कुमार ने बताया कि अजंता ग्राइंडर्स पर केमिकल व घातक रंग मिलाकर मसाले तैयार किए जा रहे थे। वह कई ब्रांडेड कंपनियों के नाम से पैकिंग कराता था। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। इसमें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

मिलावटी मसालों से होता कैंसर
डा. अविनाश शर्मा के अनुसार मिलावटी मसालों से किडनी व हार्ट फेल्योर के साथ ही कैंसर हो सकता है। साबुत मसाले लेकर अपने सामने ही तैयार कराकर प्रयोग करने में भलाई है।

पहली बार मिलावट की पकड़े गए
हम 20-25 साल से मसालों का कारोबार करते हैं। लोगों को हम पर बड़ा विश्वास है, कभी कोई मिलावट नहीं की थी। पहली बार मिलावट करनी शुरू की थी, इसी में पकड़ में आ गए। हमसे गलती हुई है। - सुबोध कुमार फैक्ट्री मालिक
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शुरुआती लक्षण
एसीडिटी होना और पेट में हल्के दर्द का अहसास होना
आंतों में सूजन और पेट में दुखन होना
कब्ज का बनना और जी मिचलाने जैसी शिकायत रहना
लीवर पर सूजन के साथ बेचैनी रहना
स्किन एलर्जी होना, पेट-पीठ पर दानें निकलना

बीमारियां
अल्सर और पेप्टीक अल्सर से आंतों में घाव होना
लगातार खुजली रहने के साथ-साथ और स्किन टीबी का होना
लीवर, किडनी और आंत के कैंसर का होना
आंखों की रोशनी कम होने के साथ ही मुंह में छालों का बार-बार होना
भूख का लगातार कम होते जाना और आंत की टीबी होना
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