पश्चिम विहार वेस्ट इलाके में चीनी मांझे से एक और इंजीनियर का गला कट गया। पंद्रह अगस्त को स्कूटी से जाने दौरान वह मांझे के चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। उसी दिन पश्चिम विहार ईस्ट में एक सिविल इंजीनियर की मांझे के चपेट में आने से मौत हो गई थी। पुलिस दोनों ही मामलों की जांच में जुटी है।
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पुलिस के अनुसार घायल इंजीनियर रमन ओबरॉय सपरिवार शाहपुर इलाके में रहते हैं। परिवार में पत्नी पुष्पा और दो बच्चे हैं। गत 15 अगस्त को रमन अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को लेकर फतेहनगर में रहने वाले रिश्तेदार से मिलने गए थे। दोपहर करीब तीन बजे स्कूटी से घर वापस आ रहे थे। सेक्टर 11 रोहिणी जाने के लिए वह एलिवेटेड रोड फ्लाई ओवर से नीचे उतर रहे थे, तभी उसके गले में मांझा लिपट गया।
पत्नी पुष्पा ने पुलिस को बताया कि रमन ने हेलमेट नहीं पहन रखा था और ब्लू टूथ गले में लगाया हुआ था। मांझा लिपटते ही रमन को गला कटने का एहसास हो गया। किसी तरह स्कूटी खड़ी कर वह सड़क पर गिर गए। गले से खून निकलने लगा, पत्नी ने अपना दुपट्टा रमन के गले में बांध खून रोकने का प्रयास किया। राहगीर वहां से सब देखकर भी निकलते रहे।
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इसी बीच पीसीआर मौके पर पहुंची और घायल रमन को पास के अस्पताल में भर्ती कराया। जांच में पता चला कि उनके गले की नसें कट गई हैं। डॉक्टरों ने उन्हें दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल रेफर कर दिया। जहां रमन की हालत नाजुक बनी हुई है। परिवार वालों ने मांझे की बिक्री पर प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी है।