अपराध शाखा को निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज के एक और बैंक खाते का पता लगा है। तब्लीगी मरकज के नाम वाला यह खाता हमदर्द स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में है। इस खाते से लगातार लेन-देन होता रहता था। अपराध शाखा ने इसकी जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दी है।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच को एक महीना होने जा रहा है, लेकिन अब तक मौलाना मोहम्मद साद के व्यक्तिगत नाम से कोई बैंक खाता नहीं मिला है। अधिकारियों के अनुसार, मरकज के बैंक खाते साद का बेटा व भतीजा देखते थे। ये दोनों ही साद के राजदार हैं।
अपराध शाखा दिल्ली में स्थित ट्रेवल्स एजेंट को वेरीफाई कर रही हैं कि उनके जरिये कितने जमाती विदेश गए थे और कब भारत आए थे। इसके अलावा, ट्रेवल एजेंट के जरिए अन्य जानकारी एकत्र की जा रही है।
जांच में पता चला है कि मरकज से लोग जमात के लिए टुकड़ियों में जाते थे। ये जहां जाते, वहां मजिस्दों में रहते और लोगों के घर खाना खाते थे। इस कारण प्रचार करने गए लोगों का खर्चा कम आता था। यह भी देखा जा रहा है कि धर्म के नाम पर आयकर विभाग से छूट ली जाती थी या नहीं।
अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार, जांच टीम के सिपाही के कोरोना संक्रमित होने के बाद जिन पुलिस अधिकारियों को सेल्फ क्वारंटीन रहने को कहा गया है, उनमें सीनियर अफसर भी है। ऐसे में मरकज मामले की जांच धीमी होने की आशंका है।