लोकसभा चुनावों में हजारों गुमनाम वोटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मतदान के लिए प्रमाण पत्र न होने के चलते ये अभी तक मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सके थे। रजिस्ट्री के आधार पर पहचान पत्र बनने के बाद पहली बार ये मतदान करेंगे।
स्लम एरियों में रहने वाले हजारों लोगों के पास कोई प्रमाण पत्र न होने से मतदान से वंचित रहते थे। मेहनत मजदूरी करने बाहर से आकर बसने वालों को यहां मतदान का मौका ही नहीं मिला था।
अबकी बार शासन ने रजिस्ट्री के आधार पर पहचान पत्र जारी करने शुरू किए। इस तरह स्लम एरियों में रहने वाले हजारों लोगों को पहली बार मतदान का मौका मिलेगा।
इनका किसी राजनीतिक दल से जुड़ाव नहीं है, लेकिन संख्या इतनी ज्यादा है कि परिणाम बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सामाजिक कार्यकत्री ज्योति ने बताया कि हजारों लोगों को पहली बार मतदान का मौका मिलेगा।