केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण पर लाए गए अध्यादेश के खिलाफ अन्ना हजारे पदयात्रा निकालेंगे। यह यात्रा महाराष्ट्र के वर्धा स्थित सेवा कुटीर ग्राम से शुरू होगी और दिल्ली में आकर खत्म होगी।
शुक्रवार को दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में अन्ना हजारे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि होली के बाद किसान नेताओं के साथ बैठक करके इसका रूट और तिथि दोनों तय करेंगे।
अन्ना हजारे ने कहा कि मोदी सरकार किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है। किसानों की जमीन हथियाने के लिए बनाए गए भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को हम किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही महाराष्ट्र से दिल्ली तक पदयात्रा निकालेंगे।
अन्ना की इस यात्रा में नहीं होगा कोई राजनीतिक दल
इस यात्रा में किसान संगठनों और किसान नेताओं को शामिल किया जाएगा। यह पदयात्रा किसी के बैनर तले नहीं होगी। सिर्फ भूमि अधिग्रहण विरोध पदयात्रा के बैनर तले यह आयोजित होगी।
कोई राजनीतिक दल में इसमें शामिल नहीं होगा। अगर कोई व्यक्तिगत रूप से शामिल होना चाहे तो हो सकता है। अन्ना ने बताया कि यह पदयात्रा ढाई महीने तक चलेगी।
यात्रा वर्धा में महात्मा गांधी द्वारा बसाए गए सेवा कुटीर ग्राम से शुरू होगी। होली के बाद 9 मार्च को एक बैठक होगी। उसमें बड़े किसान नेता, संगठन के प्रमुख हिस्सा लेंगे, जिसमें समय और तिथि दोनों तय किया जाएगा।
केजरीवाल को बताएंगे कैसे चलती है आदर्श सरकार
ढाई महीने के दौरान रूट किस तरह का होगा, जिससे आम लोगों को परेशानी न हो इसे लेकर भी बैठक में चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल मोदी सरकार को वापस लेना पड़ेगा।
अन्ना हजारे ने कहा कि सचिवालय आने का अरविंद का न्योता मैंने स्वीकार किया है, मगर अभी समय की कमी के कारण नहीं जा पाऊंगा। जल्द ही सचिवालय जाने की कोशिश करूंगा।
आदर्श सरकार कैसे चलती है, केजरीवाल जी को उसका मॉडल भी बताऊंगा। जनता के लिए सरकार किस तरह से काम करे, इस बारे में भी बात करूंगा।