अंशू ने अपने कमरे में फांसी लगाकर क्यों जान दी, पुलिस इसकी जांच-पड़ताल में जुट गई है। मृतका के पिता ने मंगेतर पर बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था।
मालूम हो कि एनआईटी तीन निवासी अंशू सचदेवा ने 2010 में दिल्ली के आईआईएमसी से पत्रकारिता का कोर्स किया था। इस दौरान उसकी दोस्ती हिमांशू सिंह निवासी आगरा, यूपी से हो गई थी।
दोनों में गहरी दोस्ती हो गई थी। दोस्ती के चलते ही 28 मार्च को अंशू के परिजनों ने हिमांशू से उसकी शादी तय कर दी थी। शुक्रवार की रात अंशू घर लौटी और खाना खाने के बाद अपने कमरे में चली गई थी। रात करीब तीन बजे मां नीलम ने पाया कि अंशू के कमरे से तरल पदार्थ बह कर बाहर आया है।
परिजनों ने दरवाजा खोला तो पाया कि अंशू फांसी के फंदे पर लटकी है। चुनरी को काट कर उसे उतारा, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। एसएचओ एसजीएम नगर ने बताया कि युवती और मंगेतर की मोबाइल, वाट्सएप डिटेल की जांच की जाएगी। उस रात घर पर क्या हुआ था, इसकी भी जांच की जाएगी।