कई सालों से पर्यटकों की राह देख रहे आजाद हिंद ग्राम के दिन संवरने की उम्मीद जाग गई है। दिल्ली के नवनिर्वाचित पर्यटन मंत्री ने पुराने और बंद पड़े प्रोजेक्टों की फाइल खोलने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि ये वे प्रोजेक्ट होंगे जिनमे सुधार की गुंजाइश है या जो शुरू होकर किसी विवाद के चलते अधूरे पड़े हैं। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ की गई बैठकों में पर्यटन मंत्री ने इस संबंध में प्रोजेक्टों के कागजात दुरुस्त करने को कहा है।
सालों पहले दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम ने इसके लिए विस्तृत रूपरेखा तैयार भी की थी। जिसमें इसे बेहतर पर्यटक स्थल बनाने के लिए इसमें एम्फीथिएटर, पर्यटक सूचना केंद्र, रेस्टोरेंट, सोवेनियर, गार्डन शॉप आदि का प्रस्ताव रखा गया।
हालांकि इसमें काफी हद तक एम्फीथिएटर आदि की सुविधाएं विकसित भी की गईं लेकिन विवाद के चलते नगर निगम ने इसके बैंक्वेट हॉल पर सीलिंग कर दी और तब से यह धूल फांक रहा है।
पर्यटन मंत्री ने ऐसे पर्यटक स्थलों के लिए अन्य विभागों से जल्द संपर्क करने की बात कही है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की याद में दिल्ली सरकार ने करोड़ों रुपये की लागत से टीकरी कलां एनएच दस पर 1995 में आजाद हिंद ग्राम स्मारक बनाना शुरू किया था जो 1998 में बनकर तैयार हुआ।
यह वही स्थान है जहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने देशवासियों को अंतिम बार संबोधित किया था। आजाद हिंद ग्राम में नेताजी की भव्य प्रतिमा के अलावा उनसे जुड़ी स्मृतियों को लेकर दो संग्रहालय भी बनाए गए थे।
पर्यटन मंत्री सोमनाथ भारती ने कहा कि दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम के साथ की गई बैठकों में बंद पड़े उन प्रोजेक्टों को फिर से खोलने के निर्देश दिए हैं, जिनमें सुधार की उम्मीद है।
अगर किसी विभाग के विवाद के चलते कोई महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अटका है, चाहे आजाद हिंद ग्राम हो या कोई और तो हम ईमानदारी और प्रयासों से अन्य विभागों से भी मामला सुलझा लेंगे।