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आम्रपाली के खरीदार दूसरे प्रोजेक्ट में नहीं देना चाहते पैसा, वसूली पर संशय

Sun, 15 Sep 2019 04:56 AM IST
Trainee Trainee सुशील पांडेय, अमर उजाला, नोए़डा
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों से बकाये की वसूली के प्रयास तेज करने का निर्देश दिया है, लेकिन यह पैसा कैसे और कहां खर्च करना है इस बाबत अभी तक कोई कार्य योजना नहीं बनी है। यही वजह है कि खरीदार भारी संशय में हैं। इसी बीच खरीदारों का यह भी कहना है कि वह अपना पैसा दूसरे प्रोजेक्ट में नहीं लगने देना चाहते हैं।

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अब इसका जवाब शायद किसी के पास नहीं है। दरअसल, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में आम्रपाली के 43 प्रोजेक्ट हैं। इनमें से अधिकांश प्रोजेक्टों में अभी काफी काम बचा हुआ है। कुछ ही ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जिनमें कुछ करोड़ रुपये की मदद से काम पूरा हो सकता है।

ऐसे फंस रहा है मामला

आम्रपाली के खरीदारों का कहना है कि जितने भी प्रोजेक्ट हैं उनका अलग-अलग अकाउंट होना चाहिए और उसमें उनका पैसा जमा होना चाहिए। उस अकाउंट से पैसे निकालकर उनके प्रोजेक्ट में ही लगाना चाहिए। उनका साफ कहना है कि दूसरे प्रोजेक्टों में वह अपना पैसा क्यों दें? इससे अच्छा है कि वह पैसे दे ही नहीं।
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बैंकों को करनी पड़ेगी मदद

खरीदारों का कहना है कि उनके पास अभी बचत की कोई ऐसी रकम नहीं है जिसे वह चुका पाएं। ऐसे में अगर बैंक की ओर से खरीदारों की मदद नहीं की जाती है तो वह पैसे नहीं चुका पाएंगे। अब बैंकों को इस मामले में आगे आकर खरीदारों को लोन देना चाहिए, ताकि वह बकाये की रकम को चुका सकें।

खरीदारों को जमा करनी है केवल किस्तें

खरीदारों का कहना है कि यह भी स्पष्ट नहीं है कि उनको अगली किस्त देनी है या पूरा पैसा जमा करना है। हालांकि, मामले के जानकारों का कहना है कि खरीदारों को केवल अगली किस्तें ही देनी है। उन पर पूरा पैसा जमा करने के लिए दबाव नहीं बनाया जा सकता है। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि जो खरीदार पूरा पैसा जमा कराना चाहते हैं। वह पैसे दे सकते हैं।

इसके लिए उनको मना नहीं किया जाएगा। कम बजट वाले तीन-चार प्रोजेक्ट हो सकते हैं शुरू जिन प्रोजेक्टों को पूरा करने में 10 से 30 करोड़ तक की रकम काफी है। इन्हीं प्रोजेक्टों को पहले शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए भी करीब 100 करोड़ रुपये जुटाने पर मंथन चल रहा है। इसी की सूचना के बाद खरीदारों ने अपने प्रोजेक्ट में काम शुरू करने पर सवाल उठाए।

किश्तों की रकम से नहीं शुरू हो सकता है काम

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर खरीदारों की अगली किस्तों को जमा कराया जाता है तो भी इससे काम शुरू नहीं हो पाएगा। इसके लिए अलग से फंड की जरूरतों को पूरा कराना पड़ेगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो छोटे से फंड से सभी प्रोजेक्टों में काम शुरू कराने के बावजूद कुछ भी नहीं हो पाएगा।

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