फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली में जल संकट: यमुना में अमोनिया का स्तर बढ़ा, दो संयंत्रों पर पड़ा असर; इन इलाकों की जलापूर्ति प्रभावित

Mon, 08 Jan 2024 06:55 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

Delhi Yamuna River: अमोनिया का स्तर बढ़ने की वजह से वजीराबाद व चंद्रावल जल शोयक संयंत्र ने पूरी क्षमता से चलना बंद कर दिया है। ये दोनों संयंत्र 30 से 50 प्रतिशत कम क्षमता से चल रहे हैं।
विज्ञापन
यमुना - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यमुना नदी में एक बार फिर अमोनिया का स्तर बढ़ गया है। इस कारण दिल्ली जल बोर्ड के दो जल शोधक संयंत्र पूरी क्षमता से चलने बंद हो गए है। लिहाजा नई दिल्ली समेत करीब 30 प्रतिशत दिल्ली में सोमवार की शाम से पेयजल आपूर्ति होनी शुरू हो गई है और आगामी कई दिनों तक इन इलाकों में पेयजल संकट रहेगा। हालांकि दिल्ली जल बोर्ड ने इस समस्या पर जल्द काबू पाने के लिए हरियाणा के अधिकारियों से संपर्क साधा है।

विज्ञापन


दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार हरियाणा के विभिन्न शहरों से यमुना नदी में अत्याधिक कचरा छोड़े जाने के कारण वजीराबाद बैराज में अमोनिया की मात्रा बढ़ गई है। यहां पर उच्च स्तर के प्रदूषक तत्व (तीन पीपीएम से अधिक अमोनिया) प्राप्त हुए हैं। ऐसे में वजीराबाद व चंद्रावल जल शोयक संयंत्र ने पूरी क्षमता से चलना बंद कर दिया है। ये दोनों संयंत्र 30 से 50 प्रतिशत कम क्षमता से चल रहे हैं। जल बोर्ड का कहना है कि बैराज में अमोनिया की मात्रा सामान्य न होने तक इन दोनों संयंत्रों से कम दबाव पर पेयजल आपूर्ति उपलब्ध होगी।

दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार, इन दोनों संयंत्रों से नई दिल्ली के तमाम इलाकों के साथ-साथ उत्तरी दिल्ली के सिविल लाइंस, हिंदू राव अस्पताल, कमला नगर, शक्ति नगर, मॉडल टाउन, गुलाबी बाग, जहांगीरपुरी, बुराड़ी और मध्य दिल्ली के करोल बाग, पहाड़गंज राजेंद्र नगर, पटेल नगर, बलजीत नगर, प्रेम नगर, इंद्रपुरी, रामलीला मैदान, दिल्ली गेट, सुभाष पार्क आदि इलाकों में पेयजल आपूर्ति की जाती है। इस कारण इन इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है।
विज्ञापन

बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि यमुना नदी में अमोनिया की मात्रा बढ़ने के मद्देनजर हरियाणा के सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क साधा गया है। उनसे आग्रह किया गया है कि वह तत्काल यमुना नदी में रसायनिक कचरा डालने से रोकने दिशा में कदम उठाए। दरअसल हरियाणा के शहरों से बार-बार रसायनिक कचरा डालने के कारण नदी में अमोनिया की मात्रा बढ़ रही है। गत सप्ताह भी यमुना नदी में अमोनिया की मात्रा बढ़ी थी, मगर इस बार पिछली बार की तुलना में अमोनिया की मात्रा अधिक है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें