आम आदमी पार्टी सरकार में ओखला से विधायक अमातुल्लाह दिल्ली बक्फ बोर्ड के चेयरमैन चुने गए हैं। अमानतुल्लाह सोमवार को दरियागंज कार्यालय में काम संभालेंगे।
अक्तूबर, 2015 में आम आदमी पार्टी सरकार ने बोर्ड के अधिकार व कर्तव्य राजस्व सचिव को छह महीने के लिए सौंप दिए थे। जिसे लेकर पूर्व चेयरमैन राणा परवेज सिद्दीकी ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी हुई है।
राजस्व सचिव कार्यालय में शनिवार को एक बैठक हुई जिसमें चौधरी शरीफ ने अमानतुल्लाह खान के नाम का प्रस्ताव रखा जिसे अरशद कासमी ने समर्थन किया।
फिर अमानतुल्लाह को सर्वसम्मति से चेयरमैन चुन लिया गया। बोर्ड में चेयरमैन समेत 7 सदस्य होते हैं। बैठक में राज्यसभा सांसद व सदस्य परवेज हाशमी शामिल नहीं हुए थे।
अमर उजाला से बातचीत में अमनातुल्लाह खान ने कहा कि बक्फ बोर्ड की राजधानी में बहुत सी जमीन हैं। कई जगह अतिक्रमण है। जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के अलावा पुराने किराएदारों से वर्तमान मूल्य के हिसाब से किराया वसूली सुनिश्चित करेंगे।
जमीन का विकास कर बोर्ड की आमदनी बढ़ाई जाएगी। बोर्ड में की कार्यप्रणाली को भ्रष्टाचार मुक्त करेंगे। इससे जो राशि मिलेगी उसे मुस्लिम समाज की कल्याणकारी योजनाओं में खर्च किया जाएगा।