केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार तुगलकाबाद में 200 किमी लंबे साइकिल ट्रैक का शिलान्यास किया। इस परियोजना को करीब 550 करोड़ की लागत आएगी और चार साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इस अवसर शाह ने उम्मीद जताई कि परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली में करीब 50 लाख लोग साइकिल की सवारी करेंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तैयार होने पर वाहनों की संख्या में कमी आएगी। इससे प्रदूषण में करीब 20 प्रतिशत की कमी आने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि ट्रैक बनने के बाद दिल्ली की जनता सुरक्षित तरीके से साइकिल चला सकेगी। वर्तमान में करीब 11 लाख लोग साइकिल पर अपने गंतव्य तक जाते हैं। ट्रैक बनने के बाद करीब 50 लाख से ज्यादा लोग साइकिल की सवारी करेंगे तो यह एक फैशन की तरह लगेगा। शाह ने कहा कि साइकिल ट्रैक के किनारे जगह-जगह झीलें और वन होंगे।
उन्होंने कहा कि इस ट्रैक के तैयार होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया मिशन को भी बढ़ावा मिलेगा। लोगों को कम दूरी के लिए वाहनों पर पेट्रोल की फिजूलखर्ची नहीं करनी पड़ेगी। अगर लोगों की विचारधारा में बदलाए आ जाए तो दिल्ली में यकीनन 50 लाख से ज्यादा लोग साइकिल पर और पैदल चलेंगे, जो उनके स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर होगा।
ये होंगी विशेषताएं
. साइकिल वॉक के रूट पर लुप्त झीलें होंगी पुनर्जीवित।
. व्यावसायिक जिलों, कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, मेट्रो स्टेशनों को भी जोड़ेगा साइकिल ट्रैक।
. ट्रैक की चौड़ाई 2.4 मीटर होगी और 2.4 मीटर चौड़ाई वाला पैदल मार्ग होगा जिनके बीच में 1 मीटर हरी पट्टी होगी।
. साइकिल वॉक पर आवासीय क्षेत्रों के निकट प्रवेश और निकास के सुरक्षित प्वाइंट को ऑरिजन-डेस्टिनेशन प्लाजा कहेंगे।
. वॉशरूम, चाय, कॉफी, साइकिल मरम्मत और पार्किंग की होगी सुविधा।
. ट्रैक पर हर 100 मीटर की दूरी पर होगा एक सीसीटीवी कैमरा। केंद्रीकृत निगरानी स्टेशन करेगा मॉनिटरिंग।
. साइकिल ट्रैक पर सोलर लाइटें लगाई जाएंगी।
. साइकिल वॉक के निर्माण के पहले फेज में 36 किमी लंबा ट्रैक बनाया जाएगा।
. पहले फेज में नीलगाय, पीकॉक और बुलबुल तीन लाइनें होंगी, जो बदरपुर से मालवीय नगर, वसंतकुंज होते हुए नेहरू प्लेस और इस्कॉन मंदिर तक जाएगी।