भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का शनिवार को दिल्ली में दो दिवसीय प्रवास खत्म हो गया। इस दौरान उन्होंने ऐलान किया कि पार्टी कार्यकर्ता देश के लिए चुनावी मशीन नहीं बनेंगे। वे देश में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एवं अन्त्योदय मिशन के लिए काम करेंगे। इसके मद्देनजर संगठन की कार्यपद्धति को बदला गया है। इसको लेकर 19 विभाग एवं 10 प्रकल्प बनाए गए हैं, जिसके तहत अब संगठन चलाया जाएगा।
अमित शाह प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रवास के दौरान प्रथम सत्र में नवगठित विभागों एवं प्रकल्पों के पदाधिकारियों से रू-ब-रू हुए। उन्होंने उनको दिये गये दायित्वों के महत्व के बारे में जानकारी दी। शाह ने कहा कि कार्यकर्ताओं को दिया गया दायित्व स्व प्रचार का अवसर नहीं, जनसेवा करने की चुनौती है। उन्होंने कहा कि ये विभाग एवं प्रकल्प संगठन को सुचारु रूप से चलाने का माध्यम बनेंगे। वहीं सरकार की नीतियों का लाभ जनता तक पहुंचाने में भी काम आएगा।
उन्होंने कहा कि इस बदलाव के माध्यम से पार्टी 11 करोड़ कार्यकर्ताओं का एक ऐसा संगठन बने, जिसका लक्ष्य सामाजिक, सांस्कृतिक एवं भारतीयता से ओतप्रोत हो। तभी यह एक मिशन बन पाएगा। इसको लेकर पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल, विभाग प्रमुखों को प्रखर योजनाओं के साथ विभाग चलाने पर जोर दिया।
इस मौके पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि देश के लिए हर एक कार्यकर्ता के काम आने की शुरूआत हो चुकी है। यह किसी भी पार्टी के लिए ऐतिहासिक कदम है। वहीं प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने संगठन की इस नई सोच पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए। बैठक में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल, राष्ट्रीय महामंत्री डा. अनिल जैन, सह प्रभारी तरुण चुघ, प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता आदि शामिल रहे।
दो दिवसीय प्रवास में अमित शाह ने प्रदेश अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों, प्रदेश प्रभारी, सह प्रभारी, कोर ग्रुप के सदस्यों, विभागों एवं प्रकल्पों के पदाधिकारियों के अतिरिक्त दिल्ली के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ दिल्ली में पार्टी संगठन एवं दिल्ली की राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की।