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दिल्ली हिंसा और महामारी के बीच राजधानी के छात्रों ने बताया, कठिन हालातों में भी कैसे मिलती है सफलता

Wed, 15 Jul 2020 07:35 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • 10वीं की परीक्षा देने वाले 91.46 फीसदी बच्चे पास, 93.31 फीसदी लड़कियां पास हुईं, 90.14 फीसदी लड़के पास   
  • 95 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले 41,804 तो 90 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले 184358 छात्र    
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खुशी जाहिर करतीं छात्राएं - फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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विस्तार
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दिल्ली के 10वीं-12वीं छात्रों के लिए इस साल के हालात बहुत विपरीत थे। मुख्य परीक्षाओं के पहले दिल्ली हिंसा की शुरुआत हो गई थी। इसके बाद सरकार की अपील पर परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं।

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हालत कुछ सुधरने के बाद कोरोना के कारण छात्रों-अभिभावकों को अलग मानसिक तनाव से गुजरना पड़ा। लेकिन इन समस्याओं से गुजरने के बाद भी दिल्ली के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया और 85.86 फीसदी छात्रों ने सफलता हासिल की।

एवीबी पब्लिक स्कूल की वंशिका ने दसवीं की परीक्षा में 83.4 फीसदी अंकों के साथ सफलता दर्ज की है। वंशिका बताती हैं कि दिल्ली की तनावपूर्ण परिस्थितियों के कारण पढ़ाई में बार-बार बाधा आ रही थी।
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स्कूल की कक्षाएं भी प्रभावित हो रही थीं, तो वे और उनकी दोस्त ट्यूशन क्लास भी नहीं ले पा रही थीं। लेकिन इस कठिन हालात के बाद भी दोस्तों के सहयोग और टीचर्स की मदद से उन लोगों ने पढ़ाई करने की कोशिश की और उन्हें इसका अच्छा परिणाम मिला।

परीक्षा परिणाम से अब छात्र और अभिभावक दोनों खुश हैं।           

देश की राजधानी दिल्ली में इस बार 85.86 फीसदी छात्रों ने बाजी मारी। पिछले वर्ष के मुकाबले यह आंकड़ा 4.89 फीसदी ज्यादा है। इसके पहले इंटरमीडिएट परीक्षा में भी दिल्ली ने बाजी मारी और रिकॉर्ड 98 फीसदी छात्रों को सफलता मिली।

यह परीक्षा परिणाम ऐसे समय में आया है, जब पहले दिल्ली हिंसा और उसके बाद कोरोना के कारण छात्रों की पढ़ाई बहुत अधिक बाधित हुई। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसके लिए दिल्ली के छात्रों और अभिभावकों को बधाई दी है।  

केंद्रीय विद्यालय का शानदार प्रदर्शन

दिल्ली रीजन में इस बार केंद्रीय विद्यालय ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। इस बार केंद्रीय विद्यालय के 99.23 फीसदी छात्रों ने सफलता हासिल की है। जबकि जेएनवी के 98.66 फीसदी छात्रों को सफलता मिली है।

सिटीएसए के 93.67 फीसदी छात्रों और इंडिपेंडेंट कैटेगरी में 92.81 फीसदी छात्रों को सफलता मिली। अगर केवल सरकारी स्कूलों की बात करें, तो 80.91 फीसदी छात्रों ने सफलता हासिल की है, जबकि सरकारी सहायता प्राप्त संस्थाओं के 77.82 फीसदी छात्रों ने इस बार बाजी मारी है।

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