कस्बे की पीएचसी में आपात स्थिति में मरीजों को लाने ले जाने के लिए एंबुलेंस की कोई सुविधा नहीं है। ऐसी स्थिति में मरीज के साथ आने वाले परिजनों को काफी परेशानी होती है।
बता दें की तावडू पीएचसी के अंतर्गत करीब 40 गांव लगते हैं। क्षेत्र में कोई दुर्घटना होती है, तो घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए यहीं पर लाया जाता है।
आपात स्थिति में उन्हें अन्य अस्पताल के लिए रेफर के वक्त एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने से मरीजों की जान पर खतरा बना रहता है। इलाके के लोगों की बार-बार मांग के बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं की गई है।
विभाग की इस अनदेखी से क्षेत्रवासियों में भारी रोष है। रहीस, रूकमीना का कहना है कि 11 जनवरी को सोहना रोड पर पश्चिम बंगाल के दो युवक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इन्हें पीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां एक युवक की एंबुलेंस की देरी की वजह से मौत हो गई थी। पूर्व सरपंच अख्तर अली, रामकिशन, पूर्व पालिका उपाध्यक्ष बाबूराम पप्पू, विनोद, मो. फारूक, सुमेर खां रहीश, शैरू आदि का कहना है कि विभाग द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर मेवात में कई एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। लेकिन तावडू में एक भी एंबुलेंस नहीं है। उक्त लोगों ने शासन प्रशासन से पीएचसी में एंबुलेंस देने की मांग की है।
उच्चाधिकारियों से एंबुलेंस की मांग की गई है। यह सुविधा नहीं होने से परेशानी हो रही है। इसकी सुविधा मिलते ही लोगों को राहत मिलेगी। - एमओ डा. देवेंद्र कुमार सोलंकी, पीएचसी तावडू़