मानव रचना यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग के छात्र कनिष्क करण एवं शिवांकर ने सड़कों पर स्पीड ब्रेकर का इस्तेमाल बिजली उत्पादन में कर रहे हैं। मानव रचना यूनिवर्सिटी से सिविल में इंजीनियरिंग करने के बाद कनिष्क करण ने न्यूयार्क की कोलंबिया यूनिवर्सिटी से इंग्लिश जर्नलिज्म एंड डाटा साइंस में पीजी भी किया है। कनिष्क का कहना है कि कम लागत में बिजली का उत्पादन हो तभी वह सार्थक साबित होगा। उन्होंने स्पीड ब्रेकरों में लगाने के लिए डिवाइस तैयार किए हैं।
जैसे ही वाहन स्पीड ब्रेकर से गुजरते हैं, वह रोलर को घुमाते हैं, जो गति को डीसी मोटर/जनरेटर में स्थानांतरित करते हैं। इससे बिजली बनती है। इनके मॉडल के निर्माण की लागत भी कम है। इन मॉडल को ट्रैफिक लाइट, पार्किंग स्थल के प्रवेश द्वार पर ब्रेकर पर आसानी से लगाया जा सकता है। कनिष्क ने इसके पेटेंट के लिए 2017 में आवेदन किया था। पेटेंट कार्यालय भारत सरकार ने 17 नवंबर 2023 को पेटेंट सर्टिफिकेट जारी किया है।