मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को देशहित के खिलाफ बताया
कहा-चुनाव नतीजे अनुकूल न आएं तो विपक्ष उठाने लगता है सवाल, ये संविधान का अपमान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोपों को देशद्रोह की संज्ञा देते हुए राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनाव नतीजे अनुकूल नहीं आने पर विपक्ष चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने लगता है। बिना ठोस आधार के सांविधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर जनता में अविश्वास पैदा करना देशहित में नहीं है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को जनसेवा सदन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया और फैसलों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर रहा है। ऐसे में केवल अखबार में प्रकाशित लेख के आधार पर गंभीर आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि विपक्ष के शासनकाल में क्या चुनाव आयोग इसी तरह पारदर्शी तरीके से काम करता था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछने का अधिकार सभी को है, लेकिन सवाल तथ्यों पर आधारित होने चाहिए। राजनीतिक आरोपों से सांविधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।
एसआईआर और फॉर्म-6 पर भी सफाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में कोई मूल बदलाव नहीं किया गया है। एसआईआर से संबंधित घोषणा को अलग से जोड़ा गया है। चुनाव आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर फॉर्म-6 और संबंधित घोषणा उपलब्ध है। आयोग के पोर्टल पर एसआईआर-2026 के तहत नए मतदाता पंजीकरण और घोषणा पत्र की सुविधा भी उपलब्ध है।
वोटर लिस्ट का सत्यापन बहुत जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम बनाए रखना और मृत, डुप्लीकेट या स्थानांतरित मतदाताओं की प्रविष्टियों का सत्यापन करना है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे नामों की जांच और वास्तविक मतदाताओं की पहचान होने पर विपक्ष को परेशानी क्यों हो रही है? उन्होंने कहा कि एसआईआर में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया भी है।
नतीजे मनमाफिक न आएं तो सवाल उठाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को स्पष्ट जनादेश मिला था। उस समय चुनाव आयोग की व्यवस्था पर ऐसे सवाल क्यों नहीं उठाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं आने पर ही विपक्ष चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने की दिशा में काम कर रहा है। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन सांविधानिक संस्थाओं पर बिना ठोस आधार के सवाल उठाकर भ्रम पैदा करना उचित नहीं है। लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है।