आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के चांदनी चौक से अपनी विधायक अलका लांबा को पार्टी प्रवक्ता पद से हटा दिया है। जिसका कारण है गोपाल राय के इस्तीफा मामले में अलका का पार्टी लाइन से अलग जवाब देना।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक खबर के अनुसार अलका लांबा ने बताया था कि प्रीमियम बस सर्विस स्कीम की निष्पक्ष जांच के लिए ट्रांसपोर्ट मंत्री गोपाल राय को मंत्रालय से हटा दिया गया है। जबकि अब तक आम आदमी पार्टी और गोपाल राय खुद कहते रहे हैं कि वो इस्तीफा स्वास्थ्य कारणों की वजह से दे रहे हैं।
अलका लांबा ने यह जानकारी एंटी करप्शन ब्रांच के कार्यालय के बाहर दी थी, वहां वो गोपाल राय को समर्थन देने पहुंची थी। लेकिन उनके इस बयान से अब पूरी पार्टी के लिए उल्टा ही हो गया है।
अलका ने कहा था- घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए हटाया गोपाल राय को
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- फोटो : अमर उजाला
गोपाल राय को समर्थन देने पहुंची अलका ने पत्रकारों के पूछने पर कहा था कि मुख्यमंत्री कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच चाहते थे और उन्होंने राय से पद से हटने को कहा था।
सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने लांबा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें प्रवक्ता पद से हटा दिया है। वहीं इस दौरान आप ने यही कहा कि राय ‘स्वास्थ्य कारणों के चलते’ पद से हट रहे हैं।
इस बात के सामने आने पर अलका लांबा ने आज अपने ट्वीट में कहा है कि वो पार्टी की एक अनुशासित कार्यकर्ता हैं और पार्टी के हर फैसले से सहमत हैं। अगर उनसे कोई गलती हुई हो तो वो उसके पश्चाताप के लिए भी तैयार हैं।
अन्य मंत्रालयों का जिम्मा नहीं छोड़ा है गोपाल राय ने
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बता दें कि पिछले महीने गोपाल राय द्वारा प्रीमियम बस सर्विस शुरू करने की घोषणा के बाद, भाजपा विधायक विजेंदर गुप्ता की शिकायत पर ACB की जांच के दायरे में हैं।
शुक्रवार को केजरीवाल ने राय से सभी जरूरी कागजात के साथ ACB के सामने पेश होने को कहा था। जब यह पूछा गया कि राय ने अन्य मंत्रालयों का जिम्मा क्यों नहीं छोड़ा, तो पार्टी ने यह कहते हुए उनका बचाव किया कि परिवहन विभाग में काम ज्यादा है।
पार्टी के अनुसार राय को अपनी सर्जरी के बाद फिट होने में कम से कम तीन महीने लगेंगे। परिवहन मंत्रालय का जिम्मा सत्येंन्द्र जैन को सौंपा गया है, जो पहले से पांच अन्य मंत्रालय देख रहे हैं।