किसानों के लिए लाए जा रहे तीन अध्यादेशों का विरोध करने के लिए दिल्ली के जंतर मंतर पर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के नेतृत्व में किसानों का प्रदर्शन आज सुबह शुरू हुआ था। हालांकि इस प्रदर्शन को दोपहर में ही खत्म करा दिया गया। इस प्रदर्शन में योगेंद्र यादव समेत करीब 20 किसान मौजूद थे।
वहीं दूसरी ओर इस प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे उत्तर प्रदेश के किसानों और हरियाणा के किसानों को क्रमशः यूपी गेट और नरेला बॉर्डर पर रोक लिया गया है। दोनों ही राज्यों से किसानों की बड़ी संख्या दिल्ली की ओर कूच कर चुकी है लेकिन पुलिस ने सीमा सील कर इन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया है।
तीन अध्यादेश के विरोध में दिल्ली के जंतर मंतर जा रहे भारतीय किसान यूनियन के किसानों को यूपी गेट पर दिल्ली पुलिस ने रोक लिया है। इसके बाद से किसान यूपी गेट पर ही बैठ गए हैं। किसानों की संख्या देखते हुए यहां भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पुलिस को सौंपा ज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने दिल्ली पुलिस के मधु विहार डिवीजन के एसीपी विजय सिंह को ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अमर उजाला से कहा कि सरकार ने हमारी मांगों का ज्ञापन मंगवाया है। ज्ञापन देने एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाएगा। कृषि मंत्री को ज्ञापन सौंपने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद यूपी गेट से किसानों का धरना उठा लिया जाएगा। बता दें कि इस वक्त यूपी गेट पर करीब 250 किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।
मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने अर्धनग्न होकर शुरू की पदयात्रा
निर्माणाधीन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से जुड़े किसानों ने एक समान मुआवजे और सर्विस रोड सहित कई मांगों को लेकर भोजपुर के प्रथमगढ़ गांव से सोमवार दोपहर अर्धनग्न होकर पदयात्रा शुरू की। पदयात्रा शाम को कलछीना पहुंचेगी। जहां से मंगलवार सवेरे रवाना होकर शाम को कुसलिया रुकेगी। बुधवार किसान कलेक्ट्रेट पर पहुंच कर अपनी मांगों के लिए अनिश्चितकालीन धरना देंगे। बता दें कि किसान पिछले एक वर्ष से लगातार आंदोलन कर रहें है और कई बार निर्माण कार्य भी बंद करा चुके हैं। किसान नेता बबली गुर्जर का कहना है कि इस बार आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।