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दिवाली से पहले खराब स्तर पर पहुंची गुरुग्राम की हवा

Tue, 22 Oct 2019 06:34 PM IST
Avdhesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
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pollution in delhi ncr - फोटो : अमर उजाला
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गुरुग्राम में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर खराब स्तर पर आ गई है। शहर सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 201 पर दर्ज किया गया है। हालांकि वायु गुणवत्ता के हिसाब से रविवार का दिन अच्छा रहा। रविवार को एक्यूआई 185 दर्ज किया गया। लेकिन दीवाली से पहले शहर में खराब वायु गुणवत्ता चिंता की बात है। 
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बता दें कि जब एनसीआर के अन्य शहरों के साथ तुलना की जाती है तो गुरुग्राम की हवा बेहतर होती है। दिल्ली में एक्यूआई 249 दर्ज किया गया था। जबकि गाजियाबाद में यह 284 था। वहीं ग्रेटर नोएडा में यह 243 था। नोएडा और फरीदाबाद में भी यह खराब स्तर पर ही रहा। यहां क्रमश: 216 और 260 दर्ज किया गया। 
 
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राजधानी लखनऊ की हवा देश में सबसे जहरीली गाजियाबाद, दिल्ली से भी बुरे हालात, एक्यूआई पहुंचा 294

लखनऊ शहर की हवा देश में सबसे ज्यादा ‘जहरीली’ हो चुकी है। सोमवार को लखनऊ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 294 पर पहुंच गया। चिंता की बात यह है कि लखनऊ की हवा में गाजियाबाद और दिल्ली जैसे शहरों से भी अधिक जहर पाया गया है। दिल्ली में एक्यूआई 249 रिकॉर्ड हुआ है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के रिकॉर्ड के मुताबिक लखनऊ का एक्यूआई इस मौसम में पहली बार 294 पहुंचा है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राजधानी की हवा बहुत खराब की श्रेणी में पहुंच सकती है। अभी 300 से कम एक्यूआई रहने पर यह खराब की श्रेणी में ही बनी रहेगी। 

रविवार को लखनऊ का एक्यूआई 272 रिकॉर्ड हुआ था। 24 घंटे में ही यह 300 के करीब पहुंच गया है। केवल छह अंक और बढ़ने के बाद शहर की हवा बहुत खराब हो जाएगी। वहीं, अभी ही कुछ इलाकों में एक्यूआई 300 के ऊपर बना हुआ है।

आवासीय इलाकों में गोमतीनगर की हालत बुरी

सीपीसीबी लखनऊ में चार स्टेशनों पर वायु प्रदूषण की ऑनलाइन निगरानी करता है। इसमें आवासीय इलाकों में गोमतीनगर का एक्यूआई सबसे अधिक बना हुआ है। रात नौ तक इसका 24 घंटे का औसत एक्यूआई 311 रिकॉर्ड हुआ है। वहीं, औद्योगिक क्षेत्रों में तालकटोरा में सबसे अधिक हवा प्रदूषित है। यहां एक्यूआई 328 रिकॉर्ड हुआ है।

पीएम 2.5 बिगाड़ रहा हवा की सेहत

सीपीसीबी की रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी की हवा को प्रदूषित करने में सूक्ष्म कण पीएम2.5 जिम्मेदार है। इसके बढ़े होने की वजह निर्माण वाली साइट पर धूल उड़ने, वाहनों के गैस उत्सर्जन और सड़कों पर जमी धूल है। इसे नियंत्रित करने में लखनऊ के अधिकारी फेल हो रहे हैं। इससे पीएम 2.5 का स्तर लखनऊ में बढ़ता ही जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दिन में हवा न चलती तो एक्यूआई सोमवार को ही 300 का आंकड़ा पार कर लेता।

शहर में हवा की ‘सेहत’

इलाका             एक्यूआई         रंग
तालकटोरा         328            लाल
गोमतीनगर         311            लाल
अलीगंज         254            गहरा पीला
लालबाग         268            गहरा पीला

यूपी में सबसे अधिक प्रदूषण

शहर        एक्यूआई
लखनऊ     294
गाजियाबाद     284
मुरादाबाद     272
नोएडा         260
मेरठ         255

देश में सबसे अधिक यहां प्रदूषण

शहर        एक्यूआई
लखनऊ     294
गाजियाबाद     284
यमुनानगर     277
मुरादाबाद     272
करनाल     269
मुजफ्फरनगर     266

एक्यूआई को समझें

एक्यूआई         रंग        हवा पर असर
50 से कम    गहरा हरा    अच्छी
51 से 100    हरा           संतोषजनक
101 से 200    पीला        सुधरी हुई
201 से 300      गहरा पीला    खराब
301 से 400     लाल        बहुत खराब
401 से 500     गहरा लाल    खतरनाक

(200 तक एक्यूआई मिलने पर हवा को सांस लेने योग्य माना जाता है। इसके बाद इसमें सांस लेना स्वास्थ्य के लिए खराब हो सकता है। 301 से अधिक एक्यूआई होने पर सांस के मरीजों को खास तौर पर दिक्कत हो सकती है। लंबे समय तक इस एक्यूआई की हवा के संपर्क में रहने पर सांस से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं।)
 
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