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दिल्ली: पड़ोसी राज्यों से आ रहे प्रदूषकों पर सरकार सख्त, हवा की गुणवत्ता फिर खराब श्रेणी में पहुंची

Tue, 09 Oct 2018 06:27 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पड़ोसी राज्यों में पुआल के जलाने पर कारगर रोक न लगने से दिल्ली सरकार ने नाराजगी जताई है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन का कहना है कि प्रदेश सरकार की लगातार गुजारिश के बाद भी केंद्र व राज्य सरकारें इस दिशा में ठोस योजना तैयार नहीं सकीं हैं। ऐसे में दिल्ली के पास अदालत की शरण लेने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बच रहा है। 

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इमरान हुसैन का कहना है कि नासा की सेटेलाइट इमेज से स्पष्ट हो रहा है कि पंजाब, हरियाणा व उत्तर प्रदेश में फसलों के अवशेष जलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हर साल की तरह आने वाले दिनों में इसका सीधा असर दिल्ली की आबोहवा पर भी पड़ेगा। मौसम सर्द होते ही दिल्ली के ऊपर स्मॉग की चादर छाने की आशंका दोबारा बन रही है। इमरान हुसैन का कहना है कि पिछले सात-आठ महीनों से दिल्ली सरकार ने लगातार संबंधित सरकारों से गुजारिश की है कि इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाएं।

वहीं केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को पत्र लिखकर इस बारे में दिशा-निर्देश जारी की अपील की गई। यहां तक कि दिल्ली सरकार ने केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन से गुजारिश की कि वह संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों व पर्यावरण मंत्रियों के साथ बैठक कर इस बारे में कोई रास्ता निकालें। इमरान हुसैन का कहना है कि संबंधित राज्यों की तरफ से पुआल को जलाने पर रोक लगाने की कोई योजना तैयार न कर पाने पर दिल्ली सरकार के पास सीमित विकल्प बचता है। सरकार इस बारे में अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर हो रही है। 

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दिल्ली की आबोहवा फिर खराब श्रेणी में पहुंची

दिल्ली की आबोहवा सोमवार को फिर खराब श्रेणी में पहुंच गई। विशेषज्ञ बताते हैं कि हवा की दिशा बदलने से प्रदूषकों की मात्रा में इजाफा हुआ है। पंजाब व हरियाणा से आ रही हवाएं दिल्ली के पर्यावरण को प्रदूषित कर रही हैं। सफर के एयर क्वालिटी इंडेक्स के मुताबिक रविवार को इंडेक्स औसत 181 पर था जबकि सोमवार को यह 235 जा पहुंचा। इस स्तर पर प्रदूषण होने से हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सूचकांक 0-50 के बीच रहने पर हवा की गुणवत्ता अच्छी मानी जाती है जबकि 51-100 के बीच संतोषजनक, 101-200 के बीच औसत, 201-300 के बीच खराब, 301-400 के बीच बहुत खराब व 401-500 के बीच खतरनाक होता है।       

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के विशेषज्ञों का कहना है कि रविवार को सड़क पर यातायात कम होने के साथ हवा की रफ्तार भी बेहतर थी। लेकिन सप्ताह के पहले कार्य-दिवस यानी सोमवार को सड़क पर वाहन भी बढ़े और पंजाब व हरियाणा से आ रही हवाओं ने प्रदूषकों की मात्रा भी बढ़ा दी। सफर के मुताबिक सोमवार शाम पीएम 10 की मात्रा 230 व पीएम 2.5 की मात्रा 101 रही जबकि अगले तीन दिनों में पीएम 10 व 2.5 का स्तर 264 व 111 तक पहुंचने की आशंका है। दिलचस्प यह है कि दोनों प्रदूषण का मानक 100 व 60 होता है। इनकी मात्रा इसके ऊपर जाने पर हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है।
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