नजीब की मां ने 15 अक्तूबर को मंडी हाउस से पार्लियामेंट स्ट्रीट तक विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की। फातिमा ने कहा कि 15 अक्तूबर को नजीब को लापता हुए दो साल हो जाएंगे। इसी के तहत मैं उन सभी मां के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगी, जिनके बच्चे लापता हैं। इससे पहले जेएनयू छात्रसंघ ने अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रसंघ संगठनों से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। जेएनयू छात्रसंघ 14 अक्तूबर रात को कैंपस में विरोध जुलूस निकालेगा।
किसी के दबाव में काम कर रही सीबीआई: नफीस
हाईकोर्ट में सीबीआई द्वारा दाखिल की गई क्लोजर रिपोर्ट पर लापता छात्र नजीब के पिता नफीस अहमद ने कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई किसी के दबाव में काम कर रही है। इतनी बड़ी जांच एजेंसी होने के बावजूद क्लोजर रिपोर्ट में कह दिया कि उन्हें कुछ नहीं मिला। सदर कोतवाली इलाके के मोहल्ला वैदो टोला निवासी छात्र नजीब अहमद 15 अक्तूबर 2016 को जेएनयू परिसर के माही मांडवी हॉस्टल से लापता हो गया था। बाद में इस मामले की जांच 16 मई 2017 को सीबीआई को सौंप दी गई। करीब 17 महीने बाद सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है।
इस बारे में छात्र नजीब अहमद के पिता नफीस अहमद ने बताया कि सीबीआई कह रही है कि बरामद हुए मोबाइल के लॉक नहीं खुल रहे हैं। मोबाइल को हैदराबाद से लेकर पता नहीं कहां-कहां भेजा गया। इसके बावजूद सीबीआई कुछ पता नहीं लगा सकी। सीबीआई इतनी बड़ी जांच एजेंसी है, फिर भी कोई क्लू न मिलना कहकर सीबीआई खुद सवालों के घेरे में खड़ी हो गई है। उन्होंने कहा कि अदालत को गुमराह किया जा रहा है।
. 15 अक्तूबर 2016: नजीब अहमद हुआ गायब, पिछली रात एबीवीपी के छात्रों से हुआ था झगड़ा।
. 18 अक्तूबर : जेएनयू ने नजीब को तलाश करने के लिए एनसीआरबी से मांगी मदद।
. 20 अक्तूबर: केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने नजीब मामले में एसआईटी बनाने का दिल्ली पुलिस को दिया आदेश।
. 24 अक्तूबर: दिल्ली पुलिस ने नजीब का सुराग बताने वाले को एक लाख के ईनाम की घोषणा की।
. 25 नवंबर : नजीब की तलाश के लिए उसकी मां ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की याचिका
. 28 नवंबर: दिल्ली पुलिस ने ईनाम की राशि बढ़ाकर दस लाख रुपये की।
. 28 नवंबर: हाईकोर्ट ने कहा, पुलिस नजीब की करे तलाश, देश की राजधानी से कोई ऐसे ही नहीं हो सकता गायब।
. 9 दिसंबर: 55 दिन बाद भी नजीब का सुराग न मिलने पर हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को लगाई फटकार।
. 14 दिसंबर: हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को दिया खोजी कुत्तों की मदद से जेएनयू कैंपस के हॉस्टल, क्लास रूम की तलाशी का निर्देश।
.19 दिसंबर: नजीब की तलाश के लिए 600 पुलिस वालों व खोजी कुत्तों ने जेएनयू में चलाया तलाशी अभियान।
. 22 दिसंबर: हाईकोर्ट ने नजीब के रूम मेट व नौ संदिग्ध छात्रों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने का दिया सुझाव।
. 28 जनवरी 2017: नजीब के घरवालों ने दिल्ली पुलिस पर लगाया बदायूं स्थित घर में तलाशी कर प्रताड़ित करने का आरोप।
. 13 फरवरी: नजीब का सुराग न मिलने पर हाईकोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी, परिजनों ने की जांच किसी दूसरी एजेंसी को सौंपने की मांग।
. 30 मार्च: मजिस्ट्रेट ने पॉलीग्राफ टेस्ट के खिलाफ नौ संदिग्ध छात्रों की अर्जी की खारिज, छह अप्रैल को पेश होने का दिया निर्देश।
. 2 मई: छात्रों की याचिका पर सुनवाई के बाद सत्र अदालत ने मजिस्ट्रेट का आदेश किया खारिज, पुलिस को दी छात्रों को दोबारा नोटिस भेजने की छूट।
. 15 मई: दिल्ली पुलिस ने नजीब की रिहाई के लिए 20 लाख की फिरौती मांगने वाले के खिलाफ चार्जशीट की दाखिल।
. 16 मई 2017: हाईकोर्ट ने केस की जांच दिल्ली पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपी, डीआईजी स्तर के अधिकारी को दिया जांच की निगरानी का आदेश।
. 14 नवंबर: सीबीआई ने कहा नौ संदिग्ध छात्रों के मोबाइल जांच के लिए भेजे और रिपोर्ट का है इंतजार।
. दो अप्रैल 2018: हाईकोर्ट ने संदिग्ध छात्रों के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में देरी पर चंडीगढ़ की फॉरेंसिक लैब को लगाई फटकार।
. 11 मई: जांच सौंपे जाने के एक साल बाद सीबीआई ने कहा नजीब के साथ अपराध होने का नहीं मिला कोई साक्ष्य।
. 12 जुलाई: सीबीआई ने हाईकोर्ट में कहा वह केस में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने पर कर रही है विचार।
. 4 सितंबर: हाईकोर्ट ने याची व सीबीआई की दलीलें सुनने के बाद फातिमा नफीस की याचिका पर फैसला रखा सुरक्षित। सीबीआई ने कहा केस में दाखिल करेगी क्लोजर रिपोर्ट।
. 8 अक्तूबर 2018: हाईकोर्ट ने करीब दो साल बाद सीबीआई को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की दी अनुमति। नये सिरे से एसआईटी बनाने का निर्देश देने से किया इंकार।