सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ दिल्ली एम्स राष्ट्रीय स्तर पर अभियान शुरू करेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार 15 वर्ष तक सभी बच्चियों को एचपीवी टीका लगाया जाएगा। इस अभियान के तहत 30 साल तक की महिलाओं की जाएगी स्क्रीनिंग होगी।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2030 तक सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। डॉक्टरों के अनुसार स्क्रीनिंग के जरिए लक्षण मिलने पर महिलाओं की जांच होगी। दिल्ली एम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीरजा भाटला ने बताया कि दुनिया भर में महिलाओं की मौत का चौथा बड़ा कारण सर्वाइकल (गर्भाशय के मुंह) कैंसर हैं। हर साल देश में करीब 96 हजार मामले सामने आते हैं और करीब 60 हजार महिलाओं की इस बीमारी से मौत होती है।
डॉक्टरों के अनुसार समय पर बीमारी का पता चलता है तो इससे निजात पा सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2030 तक इसे पूरी तरह से खत्म करने की सिफारिश की है और इसे सफल बनाने के लिए देश में टीकाकरण को तेज किया जाएगा। इस वैक्सीन की मदद से 90 फीसदी तक लड़कियों को सुरक्षित किया जा सकता है।
वहीं 35 से 45 वर्ष तक की महिलाओं की स्क्रीनिंग कर 70 फीसदी महिलाओं में इसके किसी भी प्रकार के लक्षण को पकड़ा जा सकता है। मंगलवार को कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।