15 दिन में भेजनी होगी प्रविष्टि
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में अब सरकारी कामकाज में हिंदी का अधिक इस्तेमाल करने वाले अधिकारियों और फैकल्टी सदस्यों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। संस्थान ने हिंदी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए समूह क के अधिकारियों और शिक्षकों के लिए प्रोत्साहन पुरस्कार योजना शुरू की है। इस योजना के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में सरकारी कामकाज के दौरान कम से कम 10 हजार शब्द हिंदी में लिखने या डिक्टेशन देने वाले अधिकारी और फैकल्टी सदस्य पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। ई-ऑफिस पर फाइलों में हिंदी में 10 हजार शब्दों की नोटिंग करने वाले भी इस योजना के दायरे में आएंगे।
योजना में हिंदी और गैर-हिंदी भाषी अधिकारियों के लिए अलग-अलग पुरस्कार तय किए गए हैं। दोनों वर्गों में प्रथम पुरस्कार पाने वाले को 25 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार के लिए 20 हजार और तृतीय पुरस्कार के लिए 15 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक वर्ग में पांच लोगों को 10-10 हजार रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार मिलेगा। यदि गैर-हिंदी भाषी वर्ग में कोई प्रोत्साहन पुरस्कार नहीं दिया जा सका तो बची हुई राशि को हिंदी भाषी वर्ग के पुरस्कारों में शामिल किया जाएगा।
एम्स के अनुसार, इच्छुक अधिकारियों और फैकल्टी सदस्यों को निर्धारित फॉर्म में अपनी जानकारी भरकर सक्षम अधिकारी के माध्यम से हिंदी अनुभाग में 15 दिन में भेजनी होगी।